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ICABB 2026: जेआईआईटी नोएडा में बायोसाइंसेज़ पर वैश्विक मंथन

JIIT नोएडा में 28 से 30 जनवरी तक 9वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICABB 2026 आयोजित हो रहा है. इसमें दुनिया भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ बायोमेडिकल और बायोइंजीनियरिंग साइंसेज़ में नई खोजों पर चर्चा कर रहे हैं.

जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेआईआईटी), नोएडा में 28 से 30 जनवरी 2026 तक 9वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेज़ इन बायोसाइंसेज़ एंड बायोटेक्नोलॉजी” (ICABB 2026) आयोजित किया जा रहा है. यह बड़ा आयोजन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), भारत सरकार के सहयोग से हो रहा है. इस बार का मुख्य विषय ‘बायोमेडिकल और बायोइंजीनियरिंग साइंसेज़ में नई खोजें’ है.

उद्घाटन समारोह

कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और नीति आयोग के सदस्य डॉ. विजय कुमार सरस्वत ने की. वे पहले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख रह चुके हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे हैं. मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने विज्ञान और तकनीक में नवाचार की अहमियत पर जोर दिया. विशेष अतिथि के तौर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह मौजूद रहे, जो कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में जाने-माने विशेषज्ञ हैं.

कार्यक्रम का उद्देश्य

सम्मेलन में आए मेहमानों और प्रतिभागियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. पम्मी गौबा ने किया. उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मकसद उच्चस्तरीय शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है. सम्मेलन का संचालन डॉ. मनीषा सिंह और डॉ. निवेदिता मिश्रा कर रही हैं. उनका कहना है कि यह मंच शोधकर्ताओं को विभिन्न क्षेत्रों में नए विचार साझा करने और सहयोग के अवसर तलाशने का मौका देगा.

तकनीकी सत्र और चर्चाएं

तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण सत्र होंगे. इनमें बायोमेडिकल और हेल्थ इनोवेशन, पर्यावरणीय बायोटेक्नोलॉजी और टिकाऊ कृषि, नैनोबायोटेक्नोलॉजी और थेराग्नोस्टिक तकनीक, मल्टी-ओमिक्स अप्रोच और बायोटेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय शामिल हैं. इसके अलावा आयुष आधारित बायोमेडिकल इनोवेशन और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक शोध से जोड़ने पर भी विशेष चर्चा होगी.

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भविष्य की दिशा

नवाचार, बहु-विषयक शोध और परंपरागत व आधुनिक विज्ञान के मेल पर जोर देते हुए आईसीएबीबी 2026 आने वाले समय में बायोसाइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी को नई दिशा देने वाला साबित होगा. यह सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को प्रेरित करेगा और वैश्विक स्तर पर सहयोग की नई संभावनाएं खोलेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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