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कोटा-जयपुर में पसरा मातम! NEET-UG 2026 रद्द होने से लाखों छात्रों की मेहनत मिट्टी में, सिस्टम पर फूटा गुस्सा

NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है. पेपर लीक की वजह से ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्र मानसिक और आर्थिक तनाव में हैं. अब छात्र मांग कर रहे हैं कि परीक्षा को JEE की तर्ज पर ऑनलाइन कराया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

NEET-UG 2026 Cancelled Paper Leak Shatters Dreams of Lakhs of Students

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NEET-UG 2026: नतांश/कोटा: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों के गहरे घेरे में है. पेपर लीक की खबरों के बाद जब परीक्षा को रद्द किया गया, तो यह खबर महज एक न्यूज हेडलाइन नहीं थी, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के टूटते सपनों की आवाज थी. राजस्थान के जयपुर, कोटा और सीकर जैसे शहरों की गलियों में आज सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी और गुस्सा है.

मेहनत पर फिरा पानी

जयपुर और कोटा के कोचिंग हब में पढ़ने वाले छात्रों का दर्द ऐसा है कि सुनकर आपकी आंखें भर आएं. कोई बुखार में भी कोचिंग जाता रहा, तो किसी ने अपने घर की खुशियों को त्याग कर सिर्फ पढ़ाई को अपनी दुनिया बना लिया. लेकिन पेपर लीक की खबर ने एक झटके में उनकी साल भर की तपस्या पर पानी फेर दिया.

छात्रों का गुस्सा इस बात पर भी है कि परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग के नाम पर तो उन्हें खूब परेशान किया जाता है. लड़कियों से उनके मंगलसूत्र तक उतरवा लिए जाते हैं, मानो सारी गड़बड़ी वहीं से होनी हो. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब सुरक्षा इतनी सख्त है, तो फिर मुख्य प्रश्नपत्र कैसे ‘बाजार’ में बिकने के लिए बाहर आ जाता है?

“क्या हम सिर्फ एग्जाम कैंसिल होने के लिए पढ़ते हैं?”

जयपुर में तैयारी कर रहे एक छात्र ने रूंधे गले से कहा, “हम पूरे साल मेहनत करते हैं, परिवार लाखों रुपये खर्च करता है. लेकिन अंत में मिलता क्या है? पेपर लीक और कैंसिलेशन. सबसे ज्यादा नुकसान हमारा होता है, जो ईमानदारी से पढ़ते हैं. नकल करने वाले तो शायद अगली बार फिर कोई रास्ता निकाल लेंगे.

ऑनलाइन परीक्षा की बढ़ती मांग

इस पूरी घटना के बाद अब अभ्यर्थियों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है. छात्रों की मांग है कि मेडिकल की इस परीक्षा को भी इंजीनियरिंग की JEE की तरह पूरी तरह से ‘ऑनलाइन’ मोड में शिफ्ट कर देना चाहिए. उनका तर्क है कि ऑफलाइन सिस्टम में पेपर की सुरक्षा करना अब नामुमकिन सा लग रहा है, जबकि ऑनलाइन सिस्टम कहीं ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित हो सकता है.

सपना नहीं, पूरे परिवार का संघर्ष है NEET

NEET सिर्फ एक एग्जाम नहीं है, बल्कि यह एक मध्यमवर्गीय परिवार की उम्मीदों का बोझ है. कई घरों में पिता ने जमीन गिरवी रखकर बच्चे को कोटा भेजा है, तो कहीं मां ने अपनी चूड़ियां बेच दी हैं. परीक्षा रद्द होने का मतलब सिर्फ ‘दोबारा तैयारी’ नहीं है, बल्कि उस आर्थिक और मानसिक दबाव को दोबारा झेलना है जो अब पहाड़ जैसा लगने लगा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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