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NEET UG Age Limit: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की उम्र और प्रयासों की सीमा को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है. संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकतम उम्र और प्रयासों की सीमा तय की जानी चाहिए.
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने एनटीए (NTA) में सुधारों पर अपनी 382वीं रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में नीट यूजी के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा या प्रयासों की पाबंदी न होने के कारण 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. समिति ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर उम्र व प्रयासों की उचित सीमा तय करने और परीक्षा को पेन-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में कराने का सुझाव दिया है.
नीट यूजी में फिर तय होगी उम्र सीमा और प्रयासों की लिमिट? संसदीय समिति की बड़ी सिफारिश
देश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा में उम्मीदवारों की उम्र सीमा को लेकर एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. वर्तमान में नीट यूजी देने के लिए न तो अधिकतम उम्र की कोई सीमा है और न ही अटेंप्ट (प्रयासों) की कोई पाबंदी. इसी वजह से कई बार 70 साल से ज्यादा उम्र के उम्मीदवार भी परीक्षा में बैठते देखे गए हैं. अब संसद की एक समिति ने सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है.
70 साल के बुजुर्ग भी दे रहे नीट: संसदीय समिति ने जताई चिंता
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधारों को लेकर अपनी 382वीं रिपोर्ट पेश की है. समिति ने पाया कि कोई सीमा न होने से व्यवस्था पर असर पड़ रहा है. रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर नीट यूजी सहित अन्य प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के लिए प्रयासों और उम्र की एक तार्किक व उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करे.
पहले भी लागू हुई थी एज लिमिट, जानिए क्या था इतिहास
नीट यूजी में उम्र और अटेंप्ट लिमिट का मुद्दा नया नहीं है. साल 2017 में केंद्र सरकार ने नीट के लिए अधिकतम 3 प्रयास और सामान्य वर्ग के लिए 25 वर्ष तथा आरक्षित वर्ग के लिए 30 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा लागू की थी. हालांकि, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद उम्मीदवारों को अंतरिम राहत मिली थी. इसके बाद मार्च 2022 में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने नीट यूजी से ऊपरी आयु सीमा का नियम पूरी तरह हटा दिया था, जिसके बाद से कोई भी व्यक्ति कितनी भी उम्र में यह परीक्षा दे सकता है.
पेन-पेपर मोड खत्म कर CBT मोड में परीक्षा कराने का सुझाव
संसदीय समिति ने नीट यूजी के परीक्षा पैटर्न में भी सुधार के कड़े सुझाव दिए हैं. समिति ने नीट यूजी को पेन-पेपर (ओएमआर आधारित) मोड से बदलकर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की योजना का समर्थन किया है. इसके साथ ही समिति ने जोर देकर कहा कि टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों में परीक्षा केंद्र केवल सरकारी या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले संस्थानों में ही बनाए जाने चाहिए. निजी सेंटरों को सब-कॉन्ट्रैक्ट देने से परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता खतरे में पड़ती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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