Assam Exit Poll 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान संपन्न होने के बाद अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले आए एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य की सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है. भारत एक्सप्रेस-एएम एनालिटिक्स और अन्य प्रमुख एग्जिट पोल के अनुसार, असम में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार बनाता दिख रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है.
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एग्जिट पोल के आंकड़े: किसके खाते में कितनी सीटें?
विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल बताते हैं कि बीजेपी गठबंधन (NDA) को 126 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा आसानी से मिल सकता है. एक्सिस माई इंडिया और मैट्रीज (Matrize) के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी प्लस को 85 से 100 के बीच सीटें मिल सकती हैं. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पोलिंग एजेंसी बीजेपी+ (NDA) कांग्रेस+ (Maha-Jot) अन्य (OTH)
Axis My India 88-100 24-36 0
Matrize 85-95 25-32 6-12
Bharat Express-AM Analytics 82-94 28-38 2-6
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कितने वोटर्स और कितनी सीटों पर हुआ मुकाबला?
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर चुनाव संपन्न हुए हैं. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार असम में कुल 2.49 करोड़ (2,49,58,139) रजिस्टर्ड वोटर्स थे. इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर रही. भारी उत्साह के बीच राज्य में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है, जिसे सत्ता विरोधी लहर या प्रो-इंकम्बेंसी (सरकार के समर्थन में लहर) के तौर पर देखा जा रहा है.
मैदान में कितने योद्धा: बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले ‘नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस’ (NEDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘असम सम्मिलित मोर्चा’ के बीच रहा.
बीजेपी गठबंधन: बीजेपी ने खुद करीब 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि बाकी सीटें अपने सहयोगियों जैसे असम गण परिषद (AGP) और यूपीपीएल (UPPL) के लिए छोड़ीं.
कांग्रेस गठबंधन: कांग्रेस ने इस बार गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और लगभग 99 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए. बाकी सीटें अन्य क्षेत्रीय दलों को दी गईं.
कुल मिलाकर राज्य भर में 722 से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है.
क्या रहे चुनाव के मुख्य मुद्दे?
असम में इस बार विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और पहचान की राजनीति मुख्य मुद्दे रहे. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों और ‘अरुंदोई’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर वोट मांगे. वहीं, कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई और सीएए (CAA) जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की. हालांकि, एग्जिट पोल बताते हैं कि जनता ने एक बार फिर विकास और स्थिरता को चुना है.
क्या आने वाले समय में बदलेगी तस्वीर?
एग्जिट पोल के नतीजे केवल एक अनुमान होते हैं, अंतिम नतीजे 4 मई 2026 को चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए जाएंगे. यदि ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो यह असम में बीजेपी की लगातार तीसरी जीत होगी. इससे न केवल हिमंत बिस्वा सरमा का कद बढ़ेगा, बल्कि पूर्वोत्तर में बीजेपी की पकड़ और भी मजबूत हो जाएगी. कांग्रेस के लिए ये नतीजे चिंताजनक हो सकते हैं, क्योंकि गौरव गोगोई के नेतृत्व में पार्टी को बड़ी उम्मीदें थीं.
फिलहाल के रुझानों को देखें तो असम की जनता ने ‘मामा’ (हिमंत बिस्वा सरमा) पर अपना भरोसा बरकरार रखा है. विकास की गति और मजबूत कानून व्यवस्था के वादे ने मतदाताओं को प्रभावित किया है. अब देखना होगा कि 4 मई को जब ईवीएम (EVM) खुलेगी, तो क्या नतीजे भी इन दावों पर मुहर लगाएंगे या कोई बड़ा उलटफेर होगा.
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