Chirag Paswan Candidate List: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट का नारा देने वाले चिराग ने इस चुनाव में राजपूत और यादव समुदाय के उम्मीदवारों पर ज्यादा भरोसा जताया है. उन्होंने दोनों जातियों से 5-5 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है.
लोजपा (रामविलास) ने अपने टिकट बंटवारे में जातीय संतुलन का ज्यादा ध्यान दिया है. उन्होंने पासवान और भूमिहार वर्ग के 4-4 उम्मीदवारों को सिंबल दिया है. इसके अलावा उन्होंने ब्राह्मण, तेली, सूढ़ी, पासी, रौनियार, कानू, धोबी, रजवार, कुशवाहा, रविदास और मुस्लिम समुदाय से भी एक-एक उम्मीदवारों को मौका दिया है.
एक्स पर सभी उम्मीदवारों को दी बधाई
लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवारों का टिकट जारी करते हुए चिराग पासवान ने ‘एक्स’ पर सभी को बधाई दी. उन्होंने कहा,
आप सभी बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट के संकल्प को साकार कर डबल इंजन वाली एनडीए सरकार की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करेंगे. उसके अलावा पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा गया है कि पार्टी से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं की यह स्वाभाविक आकांक्षा होती है कि वे विधानसभा या लोकसभा चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनकर जनता और संगठन की सेवा कर सकें. मगर सीमित सीटों के कारण हर किसी को यह अवसर नहीं मिल पाता. ऐसे में कुछ कार्यकर्ताओं को यह महसूस होता है कि पार्टी उनके बारे में नहीं सोच रही, जबकि सच्चाई यह है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) हर कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.
सभी जातियों को दिया टिकट
चिराग पासवान ने अपने टिकट वितरण के जरिये यह संकेत दिया है कि वो सभी जातियों को साथ लेकर चलना चाहते हैं. चेनारी से जहां उन्होंने मुरारी प्रसाद गौतम को उतारा है. तो वहीं बोधगया से श्यामदेव पासवान को टिकट दिया है. उन्होंने कुल 6 महिलाओं, 13 युवा और 10 अनुभवी लोगों को मौका दिया है. जो कि संवेदनशीलता, उर्जा और अनुभव का जबरदस्त मेल है. चिराग पासवान ने अपने टिकट वितरण के जरिये यह दिखाने की कोशिश की है कि उनकी राजनीति संख्या की नहीं नई सोच को लेकर है.
35 फीसदी टिकट सवर्णों को दिया
बता दें कि, एनडीए के साथ सीट बंटवारे में चिराग पासवान के खाते में कुल 29 सीटें गई. टिकट बांटते समय चिराग पासवान ने सोशल बैलेंस बनाने और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की नीति का ध्यान रखा. हालांकि अगर सोशली तौर पर देखें तो चिराग पासवान ने लगभग 35 फीसदी टिकट सवर्णों को दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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