Congress election results 2026: देश की सबसे पुरानी पार्टी और 70 से अधिक वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस का सूपड़ा क्या देश से धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है? इस सवाल के साथ ही आने वाले पांच राज्यों के 2026 विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी ध्यान जाता है. कांग्रेस (Congress) ने पांच राज्यों के लिए अपने 461 उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन पूरी राज्यों के नतीजों को देखें तो कांग्रेस सिर्फ 91 सीटों पर आगे चल रही है. इसका पूरा आंकड़ा निकाला जाए तो कांग्रेस इन चुनावों में 19.74 फिसदी सीट जीत रही है. हालांकि, कांग्रेस की हार का दावा करते हुए बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी दी है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में 2014 से अब तक कांग्रेस ने 99 प्रतिशत चुनाव हारे हैं.
हालांकि, आज (4 मई) को आ रहे पांच राज्यों के नतीजों में यह बात कुछ हद तक साफ नजर आ रही है. कांग्रेस के ज्यादातर उम्मीदवार अपनी सीटें खोते हुए चुनाव हारते नजर आ रहे हैं. इस कड़ी में असम कांग्रेस के सीएम दावेदार और कद्दावर नेता गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने भी 28,000 से अधिक वोटों से चुनाव हारा है.
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का क्या हाल?
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर नजर आ रही है (Congress Performance in West Bengal Election 2026). पार्टी ने राज्य की 294 में से 284 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन शुरुआती रुझानों में किसी भी उम्मीदवार को जीत मिलती नहीं दिख रही है. चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल का दो बार दौरा किया और कुल 5 रैलियां कीं. हालांकि 2024 के आम चुनाव में वे राज्य में प्रचार के लिए नहीं गए थे. 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उनका दौरा सिर्फ एक दिन का रहा, जिसमें उन्होंने दो रैलियां की थीं.
पूरे राज्य में चुनाव लड़ने के बावजूद कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक दिख रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी भी मैदान में उतरे थे, लेकिन सीमित प्रचार और कमजोर संगठन के चलते असर नहीं बन पाया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पश्चिम बंगाल को लेकर कांग्रेस की चुनावी रणनीति कितनी प्रभावी थी.
असम का क्या हाल है?
असम विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन सत्ता में वापसी कर रहा है. 126 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को मजबूत समर्थन मिलता दिख रहा है.
दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बहुमत से काफी पीछे रह गए हैं (Congress Performance in Assam Election 2026). शुरुआती गिनती के अनुसार कांग्रेस करीब 24 सीटों पर आगे चल रही है, जिनमें से अधिकतर सीटें मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की हैं. इस स्थिति ने राज्य की राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है.
केरल में कांग्रेस का बढ़त
केरल विधानसभा चुनाव में शुरुआती रुझानों से तस्वीर काफी दिलचस्प बनती दिख रही है. 140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत है और मतगणना के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन इस आंकड़े के करीब या उससे आगे बढ़ता नजर आ रहा है (Congress Performance in Kerala election 2026). दूसरी ओर, पिछले दो कार्यकाल से सत्ता में रही वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को इस बार कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है और उसकी स्थिति कमजोर पड़ती नजर आ रही है.
राज्य में भाजपा भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, हालांकि मुकाबला मुख्य रूप से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच ही बना हुआ है. इस बार 883 उम्मीदवार मैदान में हैं और कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी है. पिछले चुनावों की तुलना में कांग्रेस और उसके गठबंधन का प्रदर्शन बेहतर माना जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
तमिलनाडु में कांग्रेस को क्या हुआ?
तमिलनाडु में कांग्रेस की स्थिति इस बार कमजोर नजर आ रही है (Congress Performance in Tamil Nadu election 2026). हालांकि सीटों के लिहाज से वह ज्यादा आगे नहीं दिख रही, लेकिन सरकार बनाने के संभावित समीकरण में उसकी भूमिका अहम मानी जा रही है. 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 18 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार शुरुआती रुझानों में वह करीब 5 सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए है, जिससे साफ है कि उसका प्रदर्शन पिछली बार के मुकाबले गिरा है.
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इसके बावजूद राजनीतिक समीकरण अभी पूरी तरह तय नहीं माने जा रहे हैं. अगर कांग्रेस अपनी स्थिति सुधारते हुए कम से कम 8 सीटों तक पहुंचती है, तो वह टीवीके के साथ मिलकर सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. फिलहाल कुल 27 सीटों में से केवल 5 पर ही वह आगे चल रही है.
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजे
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सभी 30 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था. 4 मई को हुई मतगणना में शुरुआती रुझान सामने आ गए हैं. ताजा स्थिति के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत के करीब पहुंचता दिख रहा है, जिससे सत्ता समीकरण काफी हद तक उसके पक्ष में जाता नजर आ रहा है. वहीं कांग्रेस के लिए परिणाम बेहद कमजोर रहे हैं (Congress Performance in Puducherry election 2026). पार्टी ने जिन 16 सीटों पर मुकाबला किया था, उनमें से अब तक केवल एक सीट पर ही बढ़त या जीत दर्ज कर पाई है.
-भारत एक्सप्रेस
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