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केरल विधानसभा चुनाव के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह करेंगे भाजपा के प्रचार अभियान का नेतृत्व

Kerala Assembly Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी और अमित शाह अपनी पार्टी के लिए प्रचार करेंगे. वहां 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होगा, भाजपा पहली बार खाता खोलने की तैयारी में जुट गई.

modi amit shah
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

केरल विधानसभा चुनाव अब निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं. भाजपा इस बार राज्य में बड़ी जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद केरल में प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे. पार्टी का लक्ष्य है कि 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव में केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में अपना खाता खोले और कई सीटें जीते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के कई महत्वपूर्ण जिलों में दो त्वरित दौरों पर जाएंगे. वे रैलियां करेंगे और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेंगे. गृह मंत्री अमित शाह भी केरल पहुंचेंगे. साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रचार में शामिल होंगे. भाजपा इस अभियान को बहुत आक्रामक बनाने जा रही है.

भाजपा का अभियान कब कहां?

भाजपा का पूरा फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां पार्टी को अच्छी संभावना दिख रही है. इनमें कसर्गोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और त्रिशूर जैसे जिले शामिल हैं. पार्टी इन जगहों पर ज्यादा रैलियां और जनसंपर्क करेगी.

हाल की जीत से मिला आत्मविश्वास

भाजपा को हाल में दो बड़ी सफलताएं मिली हैं. पहली, अभिनेता सुरेश गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट पर 70,000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की. दूसरी, दिसंबर 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कब्जा कर लिया. यह केरल में भाजपा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी नौ सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी. इन सफलताओं से पार्टी उत्साहित है.

वोट शेयर में मामूली गिरावट

हालांकि आंकड़े पूरी तरह सकारात्मक नहीं हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 15.64 प्रतिशत वोट मिले थे. लेकिन 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में यह थोड़ा घटकर 14.71 प्रतिशत रह गया. इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व मानता है कि उसकी पकड़ लगातार बढ़ रही है.

केरल भाजपा अध्यक्ष का भरोसा

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी न केवल अपना खाता खोलेगी बल्कि कई सीटें भी जीतेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय नेताओं के आने से कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ेगा और जनता का समर्थन मिलेगा.

केरल में अल्पसंख्यक आबादी (मुस्लिम और ईसाई) करीब 42 प्रतिशत है. यह भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है. पार्टी अब इन समुदायों के नेताओं से लगातार संपर्क बढ़ा रही है. भाजपा रणनीतिकार मानते हैं कि अगर सही तरीके से जुड़ाव बढ़ाया गया तो नतीजे अच्छे आ सकते हैं.

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