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बंगाल में ‘छप्पा वोट’ के दिन लदे! कूचबिहार में पोलिंग बूथ पर दबंगई कर रहे थे TMC कार्यकर्ता, CRPF ने दौड़ा-दौड़ा कर लतियाया

Cooch Behar में बूथ कैप्चरिंग की कोशिश पर CRPF ने सख्त एक्शन लिया, वायरल वीडियो में उपद्रवी भागते दिखे. चुनाव आयोग की रणनीति और भारी सुरक्षा के चलते इस बार मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण नजर आ रहा है…

West Bengal Chunav Voting Update: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान आज वह देखने को मिला जिसका डर उपद्रवियों को पिछले कई महीनों से था. कूचबिहार के संवेदनशील पोलिंग बूथों पर जब TMC (तृणमूल कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बूथ कैप्चरिंग और रास्ता जाम करने की कोशिश की, तो मौके पर मौजूद CRPF के जवानों ने ‘सख्ती’ का ऐसा ट्रेलर (Bengal Election CRPF Action) दिखाया कि उपद्रवी पैर दबाकर भागते नजर आए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सुरक्षाबलों ने उन लोगों पर जमकर लाठियां चटकायीं जो मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे थे.

 

CRPF की मौजूदगी में क्या बदला?(Bengal Election CRPF Action)

बंगाल के चुनावों में पहले ‘बूथ कैप्चरिंग’ और ‘छप्पा वोट’ (फर्जी मतदान) की खबरें आम होती थीं, लेकिन 2026 के इस चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. दरसल चुनाव आयोग के सख्त निर्देश पर इस बार केंद्रीय बलों को ‘फ्री हैंड’ दिया गया है. कूचबिहार में जैसे ही टीएमसी समर्थकों ने बूथ के पास हुड़दंग शुरू किया, CRPF ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला. जो कार्यकर्ता पुलिस को धौंस दिखाते थे, उन्हें आज केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवानों ने खदेड़-खदेड़ कर पीटा. इस सख्ती का नतीजा यह रहा कि ग्रामीण इलाकों में भी मतदाता निडर होकर पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं.

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बंगाल चुनाव में सुरक्षा का ‘महा-घेरा’

इस बार बंगाल चुनाव को दो ही चरणों (23 और 29 अप्रैल) में समेटने के पीछे चुनाव आयोग की सबसे बड़ी रणनीति यही थी कि सुरक्षाबलों को ‘पतली लेयर’ में न फैलाकर ‘लोहे की दीवार’ की तरह इस्तेमाल किया जाए.

ऐतिहासिक तैनाती: इस बार बंगाल में रिकॉर्ड 2,450 कंपनियां (लगभग 2.5 लाख जवान) तैनात की गई हैं. यह 2021 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है.

हर बूथ पर पहरा: इस बार किसी भी बूथ को ‘राज्य पुलिस’ के भरोसे नहीं छोड़ा गया है. हर पोलिंग स्टेशन की सुरक्षा का जिम्मा सीधे तौर पर केंद्रीय सशस्त्र बलों ((Bengal Election CRPF Action) के पास है.

ड्रोन से निगरानी: मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जैसे जिलों में ड्रोन के जरिए जंगलों और संकरी गलियों की निगरानी की जा रही है ताकि कोई भी बाहरी तत्व भीड़ का फायदा न उठा सके.

मुर्शिदाबाद में भी दिखा तनाव

कूचबिहार के अलावा मुर्शिदाबाद के डोमकल में भी कुछ लोगों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी केंद्रीय बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रास्ता साफ कराया. चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी भी बूथ पर हिंसा या धांधली की जरा भी कोशिश हुई, तो वहां तुरंत अतिरिक्त फोर्स भेजी जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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