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पद्म भूषण से सम्मानित की गईं दिग्गज गायिका अलका याग्निक, दुर्लभ बीमारी के कारण महीनों से हैं संगीत की दुनिया से दूर

National Award Winner Alka Yagnik: मशहूर गायिका अलका याग्निक को संगीत में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है. हालांकि, वे इन दिनों एक गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं. जानिए उन्‍हें मुसीबत झेलनी पड़ रही हैं.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

PADMA AWARDS: भारतीय संगीत जगत की सबसे मशहूर और चहेती गायिकाओं में से एक अलका याग्निक को भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया है. चार दशकों से भी ज्यादा समय तक अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अलका याग्निक को यह पुरस्कार संगीत के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया गया है. यह खबर उनके फैंस के लिए जितनी बड़ी खुशी लेकर आई है, उतनी ही यह उनके लिए भावुक करने वाली भी है. ऐसा इसलिए क्योंकि अलका याग्निक पिछले काफी समय से लाइमलाइट और संगीत की दुनिया से दूर हैं.

गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं गायिका

पद्म भूषण मिलने की इस बड़ी खुशी के बीच अलका याग्निक एक बेहद कठिन दौर से गुजर रही हैं. पिछले दिनों उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपनी बीमारी का खुलासा किया था. अलका याग्निक ‘सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस’ (Sensorineural Hearing Loss) नाम की एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं. एक वायरस अटैक के कारण अचानक उनकी सुनने की क्षमता बहुत कम हो गई है. इस बीमारी का पता उन्हें तब चला जब वे एक बार फ्लाइट से उतर रही थीं और उन्हें अचानक महसूस हुआ कि वे कुछ भी सुन नहीं पा रही हैं. तब से लेकर अब तक डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है.

बीमारी के कारण संगीत से बनी दूरी

इस गंभीर बीमारी के चलते अलका याग्निक को डॉक्टरों ने लाउड म्यूजिक (तेज आवाज) और हेडफोन का इस्तेमाल करने से पूरी तरह मना किया है. एक ऐसी गायिका जिसने अपनी पूरी जिंदगी सुरों और संगीत के बीच बिताई हो, उसके लिए गानों से दूर रहना बहुत बड़ा झटका है. उन्होंने अपने फैंस और युवा सिंगर्स से भी अपील की थी कि वे तेज आवाज में हेडफोन लगाने से बचें, क्योंकि यह कानों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है.

देश-दुनिया में बिखेरा है आवाज का जादू

अलका याग्निक का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है, जहां वे यूट्यूब पर दुनिया की सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली सिंगर बनी थीं. उन्होंने अपने करियर में 25 से ज्यादा भाषाओं में करीब 20 हजार से अधिक गाने गाए हैं. ‘सिर्फ तुम’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘ताल’ जैसी फिल्मों के सदाबहार गानों के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं. आज भले ही वे अपनी सेहत के कारण मुश्किल दौर में हैं, लेकिन पद्म भूषण का यह सम्मान उनके शानदार सफर और संगीत के प्रति उनके समर्पण को एक बड़ा और सच्चा सलाम है.

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-भारत एक्सप्रेस



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