भोजपुरी फिल्मों पर अक्सर आरोप लगता है कि यहां हीरोइनों को सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल किया जाता है और अश्लीलता को बढ़ावा दिया जाता है. इस आलोचना पर भोजपुरी सुपरस्टार और नेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने अपनी राय रखी है.
निरहुआ ने क्या कहा?
निरहुआ ने कहा कि कुछ फिल्मों के आधार पर पूरी इंडस्ट्री को जज करना गलत है. उन्होंने बताया कि हर फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग तरह की फिल्में बनती हैं. जैसे बॉलीवुड, साउथ, मराठी और भोजपुरी सबकी अपनी ऑडियंस होती है और सब जगह अच्छा और बुरा काम दोनों मौजूद रहते हैं.
धारणा क्यों बनती है?
लोगों की सोच है कि भोजपुरी फिल्मों में ज्यादातर आपत्तिजनक कंटेंट होता है. इस पर निरहुआ ने समझाया कि ऐसा तब लगता है जब सिर्फ एक ही तरह की फिल्मों को हाइलाइट किया जाता है. उन्होंने कहा कि जब किसी एक हिस्से को ही बार-बार दिखाया जाता है तो लगता है कि पूरी इंडस्ट्री वैसी ही है, जबकि हकीकत अलग है.
‘हर इंडस्ट्री में कमियां’
निरहुआ ने कहा कि हर इंडस्ट्री में कमियां होती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुलाब में कांटे भी होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा बाग खराब है. इसी तरह भोजपुरी सिनेमा को भी सिर्फ कमियों के आधार पर परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए.
निरहुआ की फिल्में
भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाने वाले निरहुआ ने कई हिट फिल्में दी हैं. निरहुआ रिक्शावाला, निरहुआ हिंदुस्तानी, पटना से पाकिस्तान, बॉर्डर, सिपाही, जिगरवाला और निरहुआ चलल लंदन जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बनाया. अब वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब शोज भी कर रहे हैं.
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निरहुआ का कहना है कि भोजपुरी इंडस्ट्री को सिर्फ आलोचना की नजर से नहीं देखना चाहिए. यहां भी अच्छी कहानियां और साफ-सुथरी फिल्में बनती हैं. बस जरूरत है कि दर्शक और आलोचक पूरे काम को देखें, न कि सिर्फ एक हिस्से को.
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-भारत एक्सप्रेस
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