Bhojpuri Film Kawan Kasoor: भोजपुरी सिनेमा को अक्सर अश्लीलता और फूहड़ता के आरोपों से जूझना पड़ता है. ऐसे समय में फिल्म ‘कवन कसूर’ एक साफ-सुथरी पारिवारिक कहानी के साथ दर्शकों के बीच पहुंची है, जिसे दर्शक बहुत पसंद कर रहे हैं. फिल्म में राज सिंह, गुंजन पंत, सोनालिका प्रसाद, सुशील सिंह और ललितेश झा जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपनी एक्टिंग के जादू से लोगों का दिल जीत लिया है. इसी कड़ी में फिल्म की अभिनेत्री सोनालिका प्रसाद ने भारत एक्सप्रेस से खास बातचीत की जहां उन्होंने ना सिर्फ फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए बल्कि भोजपुरी सिनेमा की मौजूदा स्थिति, अश्लील गानों और इंडस्ट्री को बदलने की जरूरत पर भी खुलकर बात की.
सोनालिका के मुताबिक, ‘कवन कसूर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भोजपुरी सिनेमा को अलग स्तर पर ले जाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि फिल्म को जिस तरह बड़े स्तर पर शूट और रिलीज किया गया, वह भोजपुरी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है.
फिल्म ऑफर पर क्या बोलीं अभिनेत्री?
सोनालिका ने बताया कि जब उन्हें फिल्म का ऑफर मिला तो सबसे पहले उन्होंने मेकर्स के बारे में जानकारी ली. पता चला कि इस प्रोजेक्ट का निर्देशन राधेश्याम राय कर रहे हैं तो उन्हें भरोसा हुआ कि फिल्म बड़े स्तर पर बनेगी. उनके मुताबिक कहानी अच्छी थी और बजट की वजह से कोई समझौता नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि रिलीज भी एक अलग स्तर पर हुई जो भोजपुरी फिल्मों के लिए दुर्लभ है.
अश्लीलता पर अभिनेत्री का फूटा गुस्सा
सोनालिका ने कहा कि 2019 से उनकी फिल्मों ने हमेशा अश्लीलता से दूरी बनाई है. उन्होंने साफ कहा कि आज फिल्मों में अश्लीलता कम है लेकिन गानों और एलबम में यह समस्या अब भी बनी हुई है. रोजाना कई गाने रिलीज होते हैं और उनमें अश्लीलता ज्यादा दिखती है. इसी वजह से साफ-सुथरी फिल्मों की छवि भी प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में ‘कवन कसूर’ जैसी साफ-सुथरी फिल्में भोजपुरी सिनेमा की छवि बदलने का काम करेंगी.
‘कवन कसूर’ बदलाव की शुरुआत है?
अभिनेत्री ने कहा कि कवन कसूर से भोजपुरी सिनेमा का गोल्डन एरा तो तुरंत नहीं आएगा लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत है. उन्होंने कहा कि अगर इसी बैनर के तहत और फिल्में बड़े थिएटर में रिलीज होती हैं तो दर्शकों की सोच बदलेगी और इंडस्ट्री का स्तर ऊपर जाएगा.
फिल्म के भव्य प्रीमियर पर क्या बोलीं सोनालिका?
फिल्म का प्रीमियर गाजीपुर में शानदार तरीके से हुआ. सोनालिका खुद शामिल नहीं हो सकीं लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया लाइव के जरिए कार्यक्रम देखा. उन्होंने कहा कि भोजपुरी सिनेमा में इस तरह के प्रीमियर अब कम देखने को मिलते हैं. उन्होंने निर्देशक राधेश्याम राय की इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म रिलीज नहीं थी बल्कि दर्शकों के लिए एक बेहतर अनुभव बनाने की कोशिश थी.
अपने किरदार पर क्या बोलीं अभिनेत्री?
फिल्म में सोनालिका का किरदार ज्योतिष और कुंडली पर विश्वास करने वाली महिला का है. उसे पता चलता है कि जिस लड़के से वह प्यार करती है, उसकी पहली पत्नी की मौत हो जाएगी. सोनालिका ने कहा कि यह किरदार न पूरी तरह पॉजिटिव था और न ही पूरी तरह निगेटिव बल्कि एक संतुलित किरदार था.
साउथ सिनेमा बनाम भोजपुरी इंडस्ट्री
साउथ सिनेमा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भोजपुरी इंडस्ट्री को भी अपनी सोच बदलनी होगी. ऐसे निर्माताओं की जरूरत है जो सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से फिल्में बनाएं. उन्होंने जोर देकर कहा कि राधेश्याम राय जैसे निर्देशक ही भोजपुरी सिनेमा को नई दिशा दे सकते हैं.
‘कवन कसूर’ दीपक की तरह
अभिनेत्री सोनालिका प्रसाद मानती हैं कि भोजपुरी सिनेमा को बदलने के लिए अभी लंबा सफर तय करना बाकी है लेकिन उन्हें भरोसा है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़ा असर डाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अंधेरे में एक दीपक ही काफी होता है और ‘कवन कसूर’ उसी दीपक की तरह है जो बेहतर कहानी, पारिवारिक कंटेंट और बड़े पर्दे पर सशक्त प्रस्तुति के जरिए इंडस्ट्री में नई रोशनी ला सकता है. इस बदलाव की कोशिश में निर्देशक राधेश्याम राय की भूमिका बेहद अहम है, जिन्होंने इस फिल्म को सिर्फ एक भोजपुरी मूवी की तरह नहीं बल्कि बड़े पर्दे के लिए एक संपूर्ण सिनेमाई अनुभव बनाने की कोशिश की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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