कई दिनों से आरावली एक चर्चित मुद्दा बना हुआ है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियोज की भरमार लगी हुई है. इसी बीच इस मुद्दे से जुड़ी एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है. वायरल हो रहे इस वीडियो में भारी भीड़ दिख रही है. इस वीडियो से दावा किया जा रहा है कि ये लोग अरावली बचाओ आंदोलन के लिए इकट्ठा हुए है. लेकिन क्या सच में ऐसा है? आइए जानते है.
क्या है वायरल दावा?
दरअसल, सोशल मीडिया पर हर तरफ अरावली (Aravali) का मुद्दा छिड़ा हुआ है. वहीं, अब इसको लेकर एक विडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
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इस वीडियो में लोगों की बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है, जिससे दावा किया जा रहा है कि ये लोग अरावली बचाओ आंदोलन के लिए इकट्ठा हुए है.
क्या है अरावली का मुद्दा? Supreme Court Aravali Definition
असल में 650 किलोमीटर में फैली अरावली की पहाड़ियां दिल्ली सहित हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को थार रेगिस्तान से पैदा होने वाली तपन से बचाती है. वहीं, 20 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेश की गई अरावली की नई परिभाषा को स्वीकार कर लिया गया था. नई परिभाषा के अनुसार, पहाड़ियों के केवल उन्हीं क्षेत्र को अरावली माना जाएगा, जो उसके 100 मीटर या उससे ऊपर की है.
बता दें कि, इसी फैसले की बजह से ये अरावली को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है, क्योंकि इससे लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अरावली से बाहर हो जाएगा. वहीं, अब अगर यहां पर माइनिंग जैसी या कोई अन्य निर्माण प्रक्रियाएं शुरू की जाती है, तो पहाड़ नष्ट हो जाएंगे. इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
क्या है वीडियो का सच?
प्रदर्शन का दावा करे हुए इस वीडियो के शेयर किए जाने पर हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने इसकी पुष्टि के लिए जांच शुरू की. सबसे पहले हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया, जिसकी मदद से हमें एक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिलता है. ये वीडियो वायरल हो रहे वीडियो से काफी मेल खाता है. वहीं, वीडियो के टाइटल से हमें ये पता चला की ये करौली जिले में हुए एक दंगल का वीडियो है, जिसे 31 अगस्त, 2025 को अपलोड किया गया था.
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वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इसमें वायरल हो रहे वीडियो वाली ही भीड़ दिख रही है. इसके अलावा, दंगल के इस वीडियो को एक इंस्टा यूजर ने भी शेयर किया था, जो 31 अगस्त को पोस्ट किया गया था. इसमें भी यूजर ने इसे करीरी में हुए दंगल का बताया है, जबकि उस समय तो अरावली का मुद्दा गरमाया भी नहीं था.
इन तथ्यों से ये बात साफ हो जाती है कि वायरल हो रहे वीडियो का अरावली मुद्दे (Aravali Controversy) से दूर दूर तक का नाता नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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