Bharat Express DD Free Dish

हनुमान मंदिर में आरती करते दिखे असदुद्दीन ओवैसी, जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है. इस बीच एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भी एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.

Asaduddin Owaisi

सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है. इस बीच एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का भी एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वो हनुमान जी आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसे कई यूजर्स अब शेयर कर रहे हैं. लेकिन इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते है.

क्या है दावा?

दरअसल,  2 दिसंबर को इंस्टाग्राम के एक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया. यूजर ने इसके साथ ये भी लिखा कि जो ओवैसी से हनुमान चालीसा पढ़वा दे, वो है मोदी.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ajay arya (@ajay963126)

इस कैप्शन से ये वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को आगे इसी दावे के साथ शेयर किया है.

जांच में आया सच

वीडियो के वायरल होने पर हमारे भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने दावे की पुष्टि के लिए जांच शुरू की. टीम ने सबसे पहले वीडियो के प्रमुख फ्रेम को निकालकर गूगल लेंस के माध्यम से रिवर्स सर्च किया, लेकिन हमें ऐसी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिला जिससे दावे के सही होने की पुष्टि हो सके. वहीं, कीवर्ड सर्च से भी कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई.

हमारी टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वीडियो को ध्यान से देखा, जिसमें कई सारी विसंगतियां दिखती हैं. जैसे मंदिर के बाहर लगाया गया बोर्ड जिसमें “श्री हनुमान मंदिर” की स्पेलिंग गलत लिखी हुई है. इससे वीडियो के एआई-जेनरेटेड होने की आशंका होती है.

इसकी पुष्टि करने के लिए हमने वीडियो को कई एआई-डिटेक्शन टूल्स से जांचा. हाइव मॉडरेशन टूल की मदद से पता चला की इस वीडियो को 99% से भी अधिक एआई द्वारा बनाया गया है. साथ ही हमने इसके स्क्रीनशॉट्स को एक अन्य साइट इंजन पर जांचा और उसने भी इसके 99% एआई से निर्मित होने की संभावना बताई.

क्या एआई जेनरेटेड है वीडियो?

वहीं, ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (DAU) ने ‘इजइटएआई’ टूल से परीक्षण किया, जिसमें वीडियो को 93% एआई-जनित बताया गया.

साथ ही इस वीडियो को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो फर्जी है और उनका इस तरह के किसी कार्य से कोई संबंध नहीं है.

इस जांच से ये साबित होता है कि वायरल हो रहा असदुद्दीन ओवैसी का ये वीडियो फेक और  एआई जेनरेटेड, जिसे केवल भ्रामक रूप से फैलाया जा रहा है.

बता दें कि इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर के इंस्टा प्रोफाइल पर एक विचारधारा वाले 3500 से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

ये भी पढ़ें: कर्नाटक की राजनीति में भूचाल: अमित शाह ने चंद्रबाबू नायडू को डीके शिवकुमार से भेजा मिलने, जानें सच

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read