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Fact Check: क्या TMC रैली के दौरान स्कूल बस के बच्चों ने लगाए ‘मोदी जिंदाबाद’ के नारे?

Fact Check: स्कूल बस में बैठे बच्चे ‘मोदी जिंदाबाद’ और ‘बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं. क्या है इस वीडियो की सच्चाई?

Fact Check: क्या TMC रैली के दौरान बच्चों ने लगाए 'मोदी जिंदाबाद' के नारे?

Fact Check: सोशल मीडिया पर हर दिन कई वीडियो वायरल होते हैं. इनमें से कुछ सही होते हैं लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो भी होते हैं जिन्हें गलत दावों के साथ फैलाया जाता है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों काफी चर्चा में है. इसमें देखा जा सकता है कि एक स्कूल बस में बैठे बच्चे ‘मोदी जिंदाबाद’ और ‘बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं जबकि बस के सामने से महिलाओं का एक जुलूस निकल रहा है.

वायरल दावा क्या है?

वीडियो को शेयर करने वाले यूज़र्स का दावा है कि यह हाल ही में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा निकाले गए ‘वोट चोरी’ विरोधी रैली का है. कहा जा रहा है कि जब यह बस वहां से गुज़री तो बच्चों ने मोदी और बीजेपी के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए. फेसबुक और एक्स पर कई यूजर्स ने 26 और 27 अगस्त 2025 को यही दावा करते हुए यह वीडियो शेयर किया.

असलियत क्या है?

फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसकी गहराई से जांच की. वीडियो के एक फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से खोजा गया. नतीजे में हमें हिंदुस्तान टाइम्स (बांग्ला) की एक रिपोर्ट भी मिली जो 22 नवंबर 2022 को प्रकाशित हुई थी. रिपोर्ट में यही वीडियो मौजूद था. इसमें बताया गया कि यह घटना सिलीगुड़ी की है जब एक स्कूल बस में बैठे बच्चों ने तृणमूल कांग्रेस के जुलूस को देखकर ‘बीजेपी ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए थे.

इसके जवाब में TMC कार्यकर्ताओं ने ‘बीजेपी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए थे. उस समय यह वीडियो खूब चर्चा में आया था और राजनीतिक बहस का हिस्सा बना था.

और क्या मिली जानकारी?

पड़ताल के दौरान हमें NEWJ बंगाली के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो मिला जो 23 नवंबर 2022 को पोस्ट किया गया था. उसमें बंगाली भाषा में लिखा था कि ‘बच्चों के मन में भगवान बसते हैं, वे भी समझ रहे हैं कि तृणमूल राज्य को बर्बाद कर रही है.” इसी दिन न्यूज़ 18 बंगाली के यूट्यूब चैनल पर भी इस घटना पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी.

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इससे साफ हो गया कि यह वीडियो नया नहीं है बल्कि 2022 का है. इसे वर्तमान समय में वोट चोरी विवाद से जोड़कर गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है.

निष्कर्ष

सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक है. यह वीडियो बंगाल की मौजूदा रैलियों का नहीं बल्कि नवंबर 2022 की पुरानी रैली का है.

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-भारत एक्सप्रेस


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