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बेटे को जबरन जंग में भेजने पर इजरायली महिला से हुई बदसलूकी? जानें वायरल वीडियो का पूरा सच

सोशल मीडिया पर पुलिस और महिला की भिड़ंत का एक वीडियो इजरायल का बताकर वायरल हो रहा है. पड़ताल में पता चला कि ये घटना अमेरिका के सैन डिएगो की है और इसका जंग से कोई संबंध नहीं है.

Fact Check

Fact Check: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो ‘आग’ की तरह फैल रहा है. इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी एक महिला के साथ सरेआम हाथापाई करता और उसे जमीन पर पटकता नजर आ रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह इजरायल की घटना है, जहां एक मां ने अपने बेटे को जबरन युद्ध में भेजने का विरोध किया, तो इजरायली पुलिस ने उसके साथ ये बर्बरता की. लेकिन क्या ये दावा वाकई में सच है.

क्या है वायरल दावा?

एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स लिख रहे हैं- “इस इजरायली महिला का बेटा जंग में नहीं जाना चाहता था. जब उसने विरोध किया, तो पुलिस ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया. ईरान ने इजरायल को इस मोड़ पर ला खड़ा किया है कि अब जबरन भर्ती की जा रही है.” वीडियो में महिला की चीख-पुकार और पुलिस का सख्त रवैया देखकर लोग इसे इजरायल की ‘जबरन सैन्य सेवा’ (Mandatory Military Service) से जोड़कर देख रहे हैं.

आखिर क्या है वीडियो की हकीकत?

जब इस वीडियो की गहराई से जांच की गई और इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया गया, तो सच कुछ और ही निकला. ये वीडियो इजरायल का नहीं, बल्कि अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो (San Diego) शहर का है.

वीडियो के लंबे वर्जन में साफ देखा जा सकता है कि ये घटना ‘लिंडा विस्टा स्केटबोर्ड पार्क’ की है. वीडियो में दिख रही पुलिस की गाड़ी पर भी साफ-साफ ‘San Diego Police’ लिखा हुआ है. वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहे घटना तब हुई जब पुलिस को शिकायत मिली कि एक महिला पार्क में मौजूद बच्चों और अन्य लोगों को परेशान कर रही है. आरोप था कि वह वहां मौजूद लोगों पर नस्लीय टिप्पणियां (Racial Slurs) कर रही थी. जब पुलिस वहां पहुंची और महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो उसने विरोध किया. खबर के मुताबिक, हाथापाई के दौरान महिला ने एक पुलिसकर्मी के हाथ को दांतों से काट भी लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू करने के लिए बल प्रयोग किया.

इजरायल का सैन्य नियम

इस वीडियो के वायरल होने की एक बड़ी वजह यह भी है कि इजरायल में 18 साल से ऊपर के नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है. हाल के महीनों में इस नियम को लेकर इजरायल में कई विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं. इसी पृष्ठभूमि का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्वों ने अमेरिका के पुराने वीडियो को इजरायल का बताकर शेयर कर दिया.

हमारी जांच में साफ हुआ है कि वायरल वीडियो अमेरिका में एक महिला की गिरफ्तारी का है. इसे इजरायल-ईरान जंग से जोड़कर दिखाया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है.

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-भारत एक्सप्रेस



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