Fact Check: नेपाल सरकार द्वारा 4 सितंबर को 26 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने के बाद देशभर में युवाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. यह प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि पीएम केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें लोग मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह नारे नेपाल में प्रदर्शन के दौरान लगा.
दावा गलत साबित हुआ
हालांकि, भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ. जांच में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे का है. उस समय मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे और वहां उनका भव्य स्वागत हुआ था.
सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल
वीडियो को एक फेसबुक यूजर ने शेयर करते हुए लिखा कि नेपाल में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिंदाबाद का नारा लगाया जा रहा है. लेकिन जब इस वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया गया तो एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल की एक रिपोर्ट मिली जिसमें साफ बताया गया कि यह वीडियो 25 जुलाई को मालदीव में शूट किया गया था.
इंस्टाग्राम पर भी वीडियो पोस्ट
एक यूजर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी यह वीडियो 25 जुलाई को पोस्ट किया गया था, जिसमें बताया गया था कि मोदी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मालदीव पहुंचे थे और वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था.
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इस तरह, यह साबित हो गया कि वायरल वीडियो का नेपाल के हिंसक प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है. यह मालदीव का वीडियो है जिसे गलत संदर्भ में शेयर किया गया. ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बातों को बिना जांचे-परखे मान लेना सही नहीं है. फैक्ट चेक जरूरी है, खासकर जब मामला राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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