Fact Check:सोशल मीडिया पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की एक रील तेजी से वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि नेहरू ने बहुत पहले ही देश में होने वाले कथित सांप्रदायिक फूट की भविष्यवाणी कर दी थी. इस क्लिप को कई यूजर्स ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए शेयर किया है.
वायरल रील का सच
जब भारत एक्सप्रेस की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि इस वायरल रील का सच कुछ और ही है. जांच में दावा गलत पाया गया है. बता दें, जवाहर लाल नेहरू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. उनके इस वीडियो को उनकी आवाज वाले ऑडियो क्लोन में एआई की मदद से क्रिएट किया गया है.
क्या है वायरल रील?
यह रील को इंस्टाग्राम हैंडल ने 12 अक्टूबर को एक क्लिप अपलोड किया था जिसमें देश के पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू को यह बोलते हुए देखा जा सकता है,
“ इस देश को संभाल लेना वरना 75 साल कोई गंवार इसको धर्म के नाम पर बांट देगा.”
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क्या निकला सच?
गूगल लेंस और कीवर्ड सर्च की मदद से इस क्लिप की जांच की गई लेकिन ऐसा कोई असली वीडियो या रिकॉर्डेड भाषण नहीं मिला जिसमें नेहरू ने ऐसा बयान दिया हो.
इसके बाद इस ऑडियो को डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (DAU) जैसे कई डीपफेक डिटेक्शन टूल्स से जांचा गया और पाया गया कि ऑडियो AI से जनरेटेड (Artificially Created) है, यानी यह असली नहीं बल्कि मशीन द्वारा तैयार की गई नकली आवाज है.
AI एक्सपर्ट का क्या कहना है?
एआई एक्सपर्ट एस. के. साहिद ने भी पुष्टि की कि वीडियो में नेहरू के होंठों की हरकतें और ऑडियो सिंक नेचुरल नहीं है जिससे साफ है कि यह एआई तकनीक से बनाया गया वीडियो है.
निष्कर्ष
जांच में यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी पाई गई है. जवाहरलाल नेहरू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. यह वीडियो एआई तकनीक से तैयार कर शेयर किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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