Bharat Express DD Free Dish

क्या नीदरलैंड की गर्मी में सचमुच पिघल गईं कारें और टायर? जानें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज का पूरा सच

सोशल मीडिया पर नीदरलैंड की भीषण गर्मी के दावे के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कार के बोनट, टायर और कूड़ेदान को पिघलते हुए दिखाया गया है. फैक्ट चेक में सामने आया है कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है. इसमें जोड़ी गई सभी पांचों क्लिप्स पुरानी हैं.

Fact Check Are Cars and Tires Melting in Netherlands Due to Heatwave

Fact Check: यूरोप इस समय भीषण गर्मी और लू से परेशान चल रहा है. इसी बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे है, जिससे दावा किया जा रहा है कि नीदरलैंड में इतनी भयंकर गर्मी है कि वहां पर प्लास्टिक की चीजें पिघल रही है. इंटरनेट पर फैल रही ऐसी कई वीडियोज के चलते लोग चौंक रहे है. लेकिन क्या ऐसा असल में है. आइए जानते है सच.

एक नहीं, दो नहीं बल्कि वीडियोज का तांता

दरअसल, यूरोप में पड़ रही इस भीषण गर्मी से जोड़ते हुए कोई एक वीडियो नहीं बल्कि कई सारे वीडियोज वहां का बताकर इंटरनेट पर डाले जा रहे है. देखते ही देखते ये सारे वीडियोज वायरल हो गए.

क्या है सच?

वीडियो की पहली क्लिप में एक कार का बोनट फूला हुआ दिख रहा है. जांच में पता चला कि यह क्लिप जुलाई 2025 की है और चीन के जिआंगसू का है. असल में, कार पर स्क्रैच से बचाने के लिए एक खास प्रोटेक्टिव फिल्म चढ़ाई गई थी. तेज धूप में लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने के कारण फिल्म के अंदर गैस बन गई और वह गुब्बारे की तरह फूल गई.

दूसरी क्लिप में दिख रहे पिघले टायरों का वीडियो अगस्त 2025 से ही इंटरनेट पर मौजूद है, जो नीदरलैंड का नहीं है.

सड़क पर उछलती बिल्ली: तीसरी क्लिप में एक बिल्ली तवे जैसी गर्म सड़क पर पैर बचाकर भागती दिख रही है. यह वीडियो जून 2023 का है और चीन के हेबेई प्रांत का है, जहां भयंकर गर्मी के कारण डामर की सड़क बेहद गर्म हो गई थी.

क्षतिग्रस्त सड़क और पिघला कूड़ेदान: बाकी की दोनों क्लिप्स अमेरिका के एरिजोना की हैं, जो जुलाई 2025 और जनवरी 2026 के दौरान की हैं.

यूरोप में गर्मी तो है, पर वायरल दावे भ्रामक

यह बात बिल्कुल सच है कि इस समय फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली समेत पूरे यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ वेदर पैटर्न की वजह से रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है. स्पेन में तापमान 43.7°C और जर्मनी में 41.7°C तक रिकॉर्ड किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जून के आखिरी हफ्ते में ही यहां गर्मी से 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसका बड़ा कारण यह भी है कि यूरोप के केवल 20% घरों में ही एसी हैं. लेकिन, इस आपदा के बीच नीदरलैंड के नाम पर जो गाड़ियां और टायर पिघलने का वीडियो फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह पुराना और भ्रामक है.

ये भी पढ़ें: स्कूटी से मांस ले जाने वाली लड़कियों को सोशल मीडिया पर बताया ‘हिंदू’, जानें क्या है वायरल वीडियो का सच?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read