Iran Israel War: मध्य-पूर्व (Middle East) में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान और इस्राइल के बीच चल रही तनातनी के बीच सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियो और दावे धड़ल्ले से शेयर किए जा रहे हैं. लोगों के मन में डर और उत्सुकता है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग पुरानी फुटेज को आज की बताकर अफवाहें फैला रहे हैं. इसी बीच एक वीडियो इंटरनेच पर वायरल हो रहा है, जिसमें आसमान में एक भीषण धमाका और धुएं का गुबार उठता दिख रहा है. साथ ही इसके साथ ये दावा किया जा रहा है कि ये खौफनाक वीडियो ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमले का है. लेकिन वीडियो के पीछे की सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते है.
क्या है वायरल दावा?
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स एख वीडियो साढा कर रहे है. इस वीडियो के साथ यूजर्स ये दावा कर रहे है कि ये ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमले का है.
🚨🇮🇱 BREAKING: ISRAELI NUCLEAR POWER PLANTS DESTROYED BY IRAN MISSILES
Israel’s reactor and nuclear facilities were attacked by Fatah and Khyber missiles.
According to reports today, Sunday, March 1, 2026, the Dimona nuclear facility (Negev Nuclear Research Center) has been… pic.twitter.com/C1bkNi9Y3z
— Jvnior (@Jvnior) March 1, 2026
साथ ही यूजर्स ये भी कह रहे है कि मिसाइलों ने इस्राइल के ‘डिमोना न्यूक्लियर प्लांट’ को निशाना बनाया है और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया है. वीडियो शेयर करने वालों का कहना है कि हाइपरसोनिक मिसाइलों के हमले से इलाके में रेडियोएक्टिव मटीरियल लीक होने का खतरा पैदा हो गया है.
अब ये वीडियो देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया है.
क्या है वीडियो का सच?
जब हमने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल शुरू की, तो सच्चाई सामने आते ही पूरा मामला पलट गया. इस वीडियो को हमने ‘गूगल रिवर्स इमेज सर्च’ के जरिए खंगाला, तो पाया कि यह वीडियो न तो इजरायल का है और न ही हालिया युद्ध का. दरअसल, यह वीडियो कम से कम नौ साल पुराना है.
सर्च के दौरान हमें ‘टास्क और पर्पस’ नाम की एक वेबसाइट पर इस वीडियो से जुड़ी 2017 की एक रिपोर्ट मिली. पड़ताल में सामने आया कि यह फुटेज पूर्वी यूक्रेन के ‘बालाकलिया’ शहर की है. 23 मार्च 2017 को वहां के एक मिलिट्री म्यूनिशन डिपो में जबरदस्त धमाका हुआ था, जिसकी तस्वीरें उस समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया और ‘अल जज़ीरा’ तक में छपी थीं. यानी जिस वीडियो को लोग आज ईरान-इजरायल के बीच हुए परमाणु हमले का सबूत बताकर डर फैला रहे हैं, वह हकीकत में सालों पहले यूक्रेन में हुई एक सैन्य दुर्घटना की फुटेज है.
इस जांच से साफ है कि ईरान-इजरायल के बीच बढ़े तनाव का फायदा उठाकर कुछ लोग पुरानी और असंबंधित फुटेज को ‘वॉर फुटेज’ बताकर सनसनी फैला रहे हैं. इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही हर वीडियो और जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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