Nashik TCS Case: वायरल वीडियो का नासिक TCS केस से कोई संबंध नहीं है. इसमें दिख रही महिलाएं गुरुग्राम की रील क्रिएटर्स सपना प्रजापति और अलीशा खान हैं, और यह वीडियो उनकी दोस्ती दिखाने के लिए बनाया गया था. सपना ने भी कहा है कि वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है.
वीडियो तेजी से वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक ऑफिस से जुड़े विवाद को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक महिला एक मुस्लिम महिला को इफ्तार कराते हुए नजर आ रही है दावे के मुताबिक, वीडियो में दिख रही महिला नासिक TCS की एचआर मैनेजर निदा खान है, जो कथित तौर पर हिंदू लड़कियों को इफ्तार के बहाने बुलाकर उन्हें ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का शिकार बनाती थी.
हालांकि, ‘बूम’ की फैक्ट-चेक रिपोर्ट में यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक पाया गया है.
जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रही महिलाएं कोई आरोपी नहीं, बल्कि अलीशा खान और सपना प्रजापति हैं. ये दोनों गुरुग्राम की एक रियल एस्टेट कंपनी ‘ई-बेस इंफ्राटेक इंडिया’ में काम करती हैं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं.
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‘जिहाद’ से कोई संबंध नहीं है
वायरल हो रहा वीडियो असल में 14 मार्च 2026 को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था, जिसका उद्देश्य धार्मिक सद्भाव दिखाना था. वीडियो में सपना प्रजापति अपनी दोस्त अलीशा के लिए इफ्तार तैयार कर रही थीं. खुद सपना प्रजापति ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का TCS केस या किसी भी प्रकार के ‘जिहाद’ से कोई संबंध नहीं है.
निदा खान समेत कई गिरफ्तार
जहां तक नासिक TCS केस का सवाल है, वहां महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में पुलिस ने निदा खान समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है और कंपनी ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है.
लेकिन, वायरल वीडियो में दिख रही महिलाओं का इस आपराधिक मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. गलत संदर्भ में वीडियो शेयर कर निर्दोष कंटेंट क्रिएटर्स को निशाना बनाया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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