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अमेरिकी सैनिकों के रोते हुए वायरल वीडियो की सच्चाई, क्या है पूरा मामला?

Fact Check: सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैनिकों के रोते हुए वीडियो को ईरान-अमेरिका युद्ध से जोड़कर फैलाया जा रहा है. भारत एक्सप्रेस न्यूज की जांच में पता चला कि ये वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए हैं.

Fact Check: हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अमेरिकी सैनिकों का एक वीडियो तेजी से फैल रहा है. वीडियो में उन्हें रोते हुए दिखाया गया है. दावा किया जा रहा है कि यह ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का है और अमेरिकी सैनिक डर के कारण इसे शेयर कर रहे हैं.

भारत एक्सप्रेस की पड़ताल

भारत एक्सप्रेस न्यूज ने इस वीडियो की जांच की और पाया कि यह असली नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया है.

वायरल वीडियो के दावे

एक इंस्टाग्राम यूजर ने 2 मार्च 2026 को वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिकी सैनिक रोते हुए बता रहे हैं कि ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला किया है. एक अन्य यूजर ने इसे ईरान की जीत बताते हुए पोस्ट किया. वहीं सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने भी दावा किया कि अमेरिकी सैनिक युद्ध से भागने की कोशिश कर रहे हैं.

जांच में मिली खामियां

भारत एक्सप्रेस ने गूगल पर सर्च किया तो इस वीडियो से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली. वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चला कि सैनिकों के हाव-भाव अस्वाभाविक और रोबोटिक लग रहे हैं. उनकी यूनिफॉर्म भी असली अमेरिकी सेना की वर्दी से अलग है.

AI टूल्स से जांच

  • पहले वीडियो को टूल से जांचा गया, जिसमें 56% तक एआई से बने होने की संभावना दिखी. ‘Matrix.Tencent’ ने इसे 74% तक एआई जनरेटेड बताया.
  • दूसरे वीडियो को ‘Undetectable’ टूल ने 97% और ‘Hive Moderation’ ने 99% तक एआई से बने होने की पुष्टि की.
  • तीसरे वीडियो को ‘Hive Moderation’ ने 93% और ‘Undetectable’ ने 82% तक एआई जनरेटेड बताया.

विशेषज्ञ की राय

AI टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ ने बताया कि सैनिकों के आंसू असली जैसे नहीं दिखते. पीछे बैठे सैनिक बिल्कुल स्थिर हैं और एक सैनिक का चेहरा दूसरे के शरीर से मिलता हुआ नजर आता है. बैकग्राउंड भी स्थिर है और हाव-भाव पूरे वीडियो में एक जैसे हैं.

युद्ध का संदर्भ

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन से कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए. अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला किया, जो तेल निर्यात का अहम केंद्र है. अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही रोकेगा तो और हमले किए जाएंगे.

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भारत एक्सप्रेस न्यूज की पड़ताल में साफ हुआ कि अमेरिकी सैनिकों के रोते हुए वायरल वीडियो असली नहीं हैं. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है और सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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