Gwalior Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया के जमाने में सच से तेज अफवाहें दौड़ती हैं और इसका ताजा शिकार बना है मध्य प्रदेश के ग्वालियर का एक वायरल वीडियो. इस वीडियो में दो निडर बहनें एक व्यक्ति को दबोचकर उसकी धुनाई करती नजर आ रही हैं, जिसने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन चुरा लिया था.
हालांकि, वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे एक झूठे और जहरीले सांप्रदायिक दावे के साथ फैलाया जाने लगा कि ‘आरोपी अब्दुल नाम का मुस्लिम शख्स है, जिसने हिंदू बनने का नाटक करने के लिए गले में भगवा गमछा डाल रखा था. स्थानीय पुलिस की जांच में यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक पाया गया है.
क्या हो रहा है सोशल मीडिया पर वायरल?
एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर इस वीडियो को धड़ल्ले से शेयर करते हुए हिंदू-मुस्लिम का रंग देने की कोशिश की गई. दावों में लिखा गया कि ‘अब्दुल ने भगवा गमछा ओढ़कर हिंदू बहनों का मोबाइल छीना, लेकिन पकड़े जाने पर पोल खुल गई.’ इस तरह के भ्रामक दावों को हजारों बार री-ट्वीट और शेयर किया गया, जिससे सोशल मीडिया पर गलतफहमी और नफरत का माहौल बनने लगा.

घटना का असली सच
गूगल लेंस और मीडिया रिपोर्ट्स की पड़ताल से पता चला कि यह घटना 8 अगस्त को ग्वालियर के व्यस्त फूलबाग चौक पर हुई थी. 24 वर्षीय जुड़वा बहनें, हर्षिता और रसिता अग्रवाल, कॉलेज जा रही थीं. तभी रास्ते में एक शातिर चोर ने उनका मोबाइल छीन लिया और भागने लगा. दोनों बहनों ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने सड़क पर दौड़ लगाकर चोर का पीछा किया, उसे दबोच लिया और तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी को गिरफ्तार करवा दिया.
ग्वालियर पुलिस ने खारिज किया धार्मिक एंगल
फैक्ट चेक की पड़ताल के दौरान जब पड़ाव पुलिस स्टेशन (ग्वालियर) के प्रभारी शैलेंद्र भार्गव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने वीडियो के साथ किए जा रहे सांप्रदायिक दावों को सिरे से खारिज कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने साफ-साफ पुष्टि की:
- वीडियो में दिख रहा आरोपी कोई मुस्लिम नहीं है.
- पकड़े गए आरोपी का असली नाम मनप्रीत सिंह है.
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी मनप्रीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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