सोशल मीडिया पर हर दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है. इन दिनों असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़े कुछ वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं. इनसे दावा किया जा रहा है कि वीडियो में हिमंता बिस्वा सरमा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं को खुलेआम धमकी दे रहे हैं. लेकिन असल में इन वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है.
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, 27 सितंबर को गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी की एक बैठक तय थी. बैठक से ठीक पहले असम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीजेपी नेता आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर CJP और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. इसी गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री के पुराने बयानों को काट-छांटकर नया रंग दिया जाने लगा.
पहला क्लिप का सच
वायरल हो रहे पहले वीडियो में किसी सवाल पर सीएम कहते दिखते हैं कि ‘आंदोलन कौन करेगा… उनसे मैं डरता हूं क्या?’ जांच में पता चला कि यह क्लिप सितंबर 2025 की है. उस वक्त करीमगंज जिले का नाम बदलकर ‘श्रीभूमि’ किए जाने पर कुछ संगठनों ने बंद का आह्वान किया था. सीएम का बयान उसी आंदोलन के संदर्भ में था.
घुसपैठियों और कांग्रेस नेता पर दी थी टिप्पणी
दूसरी क्लिप, जिसमें ‘लात मारकर भगाने’ की बात कही गई है, वह अप्रैल 2026 की है. पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान हिमंता ने यह बात अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कही थी.

वहीं, आपत्तिजनक शब्दों वाली तीसरी क्लिप कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ दी गई पुरानी टिप्पणी है, जिसे अब गलत तरीके से सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके से जोड़ा जा रहा है.
इससे यह साफ है कि वायरल हो रहे वीडियो में दिए गए बयान तो सही है लेकिन उन्हें काट-छांटकर गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है. इसलिए किसी भी वायरल हो रहे वीडियो के साथ हर दावे पर यूहीं भरोसा न करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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