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पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया खोलते ही एक शब्द बार-बार आंखों के सामने आ रहा है, ‘लॉकडाउन’. व्हाट्सएप ग्रुप्स से लेकर एक्स (ट्विटर) के ट्रेंड्स तक, हर जगह #Lockdown2026 को लेकर चर्चाएं तेज हैं. लोग घबराए हुए हैं और गूगल पर पागलों की तरह सर्च कर रहे हैं कि क्या वाकई 2020 वाला दौर वापस आने वाला है? अगर आपके मन में भी यही डर बैठा है, तो जरा रुकिए और ठंडे दिमाग से इस पूरी खबर की हकीकत समझ लीजिए.
आखिर अचानक क्यों उठी लॉकडाउन की बात?
इस डर की शुरुआत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि एक तारीख और दुनिया के बिगड़ते हालातों से हुई है. दरअसल, 24 मार्च वही तारीख थी जब 2020 में पहली बार पूरे देश में सन्नाटा पसर गया था. इस साल जैसे ही ये तारीख करीब आई, लोग अपनी पुरानी यादें और अनुभव शेयर करने लगे. देखते ही देखते सोशल मीडिया के एल्गोरिदम ने इसे ‘ट्रेंड’ बना दिया और लोग समझने लगे कि शायद फिर से वही दिन लौटने वाले हैं.
इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने आग में घी का काम किया है. लोगों को लग रहा है कि अगर युद्ध बढ़ा और तेल की सप्लाई रुकी, तो देश की रफ्तार थम जाएगी और सरकार तालाबंदी कर देगी.
कोरोना नहीं, अब ‘तेल और युद्ध’ का डर
इस बार डर किसी बिमारी का नहीं, बल्कि जो पैनिक फैलाया जा रहा है, वो ‘ऑयल क्राइसिस’ यानी तेल संकट को लेकर है. अफवाह उड़ी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) बंद होने से भारत में पेट्रोल-डीजल खत्म हो जाएगा. इसी डर के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें भी देखी गईं. लेकिन विशेषज्ञों का साफ कहना है कि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और सप्लाई रुकने का कोई चांस नहीं है.
पीएम मोदी ने संसद में क्या कहा?
इन तमाम अफवाहों और पैनिक के बीच खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमान संभाली. संसद में बोलते हुए उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. पीएम ने एक बहुत पते की बात कही, “पहले भारत सिर्फ 27 देशों से कच्चा तेल खरीदता था, लेकिन अब हम 41 देशों से तेल मंगा रहे हैं.” मतलब साफ है, अगर एक रास्ता बंद भी हुआ, तो हमारे पास कई और विकल्प तैयार हैं. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी युद्ध का असर हमारे किसानों और आम जनता के चूल्हे पर नहीं पड़ने दिया जाएगा.
सावधान! अफवाहों के वायरस से बचें
बता दें कि भारत में लॉकडाउन लगाने की न तो कोई योजना है और न ही इसकी कोई जरूरत. ये पूरा शोर सिर्फ सोशल मीडिया की उपज और वैश्विक तनाव से पैदा हुई एक गलतफहमी है. सरकार की तैयारियां पुख्ता हैं और अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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