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Fact Check: क्या सच में ईरानी राष्ट्रपति ने छुए हिंदू संत के पैर? वायरल वीडियो का पूरा सच

Fact Check: दिल्ली के एक होटल में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का हिंदू संत के पैर छूने का दावा करता वीडियो वायरल हुआ, जिसका सच अब सामने आ गया है.

ईरानी राष्ट्रपति और हिंदू संत की मुलाकात

नई दिल्ली के एक कार्यक्रम में संवाद करते ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान.

Fact Check: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारी बहस छेड़ दी. वीडियो में दावा किया गया कि राष्ट्रपति ने एक भारतीय हिंदू संत के पैर छुए, लेकिन जांच और आधिकारिक बयानों में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया.

दरअसल, नई दिल्ली के ओबेरॉय होटल में आयोजित एक अंतर-धार्मिक संवाद कार्यक्रम के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो के आधार पर दावा किया गया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रेमेश्वर धाम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज के पैर छुए हैं, जबकि सच्चाई यह थी कि वह केवल फर्श पर गिरे एक कागज को उठाने के लिए नीचे झुके थे.

वायरल वीडियो और सोशल मीडिया का दावा

नई दिल्ली के ओबेरॉय होटल में आयोजित एक अंतर-धार्मिक संवाद के दौरान का एक वीडियो एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर तेजी से फैला. क्लिप में राष्ट्रपति पेजेश्कियान को प्रेमेश्वर धाम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज का हाथ थामे और फिर नीचे झुकते देखा गया. सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे शिया बहुल देश के राष्ट्रपति द्वारा हिंदू संत के ‘चरण स्पर्श’ करने का रूप देकर शेयर करना शुरू कर दिया.

दूतावास की सफाई और घटना का सच

हालांकि, ईरानी दूतावास के सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया. असल में बातचीत के दौरान एक कागज राष्ट्रपति के हाथ से फिसलकर नीचे गिर गया था. पेजेश्कियान उसी गिरे हुए दस्तावेज को उठाने के लिए नीचे झुके थे. इस पूरी घटना को गलत कोण और संदर्भ से पेश कर भ्रामक दावा फैलाया गया.

कार्यक्रम का उद्देश्य और भू-राजनीतिक रुख

इस बहु-धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक संबंधों और ‘पीपल्स-टू-पीपल्स’ जुड़ाव को बढ़ाना था. इसमें स्वामी सतीश आचार्य के अलावा आचार्य लोकेश मुनि, मीरवाइज़ उमर फारूक और कई प्रमुख धार्मिक हस्तियां शामिल हुई थीं. इसी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने वैश्विक मंच से यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अमेरिका और इजराइल के दबाव के आगे नहीं झुकेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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