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क्या सच में काठगोदाम के रेलवे स्टेशन पर हुआ आतंकी हमला, जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे दावा किया जा रहा है कि वहां पर आतंकी हमला हुआ और सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया. लेकिन क्या वाकई में ये सच है आइए जानते है.

Kathgodam Railway Station Terrorist Attack claiming viral video fact check

सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है. इसी बीच एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. इस वीडियो से दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के काठगोदाम में आतंकी हमला हुआ जिसको लेकर सुरक्षा बलों ने उन पर हमला बोल उन्हें ढेर कर दिया. लेकिन वीडियो की जांच करने पर सच्चाई कुछ और ही निकली. आइए जानते है क्या है सच.

क्या है वायरल?

दरअसल एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया कि उत्तराखंड के काठगोदाम में सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई. यूजर ने साथ में ये भी कहा कि आतंकियों को ढेर करने के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट है.

Jodhpur Terrorist Attack claiming viral video fact check  Kathgodam Railway Station Terrorist Attack claiming viral video fact check

वहीं, एक और यूजर ने इसी वीडियो को साझा कर इसी दावे के साथ इसे जोधपुर का बताया.

क्या है वीडियो की असल सच्चाई?

वीडियो के साथ किए गए दावे की गंभीरता को देखते हुए हमारी भारत एक्सप्रेस की टीम ने जांच शुरू की. सबसे पहले हमने कीवर्ड सर्च की मदद से संबंधित इलाके से जुड़ी खबरों को खंगाला, लेकिन सर्च में हमें कोई भी ऐसी खबर नहीं मिली जिससे इसके सच होने की पुष्टि हो सके.

इसके बाद हमने वीडियो के स्क्रीनशॉट्स लिए और गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च शुरू की. पड़ताल की इस कड़ी में हमें विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट की 5 दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें यही वायरल वीडियो इस्तेमाल किया गया था. उस रिपोर्ट से साफ हुआ कि यह कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि पुलिस द्वारा आयोजित एक ‘मॉक ड्रिल’ (Mock Drill) थी.

तफ्तीश को और पुख्ता करने के लिए हमने एक और विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट की 6 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट देखी. उस रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख था कि एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर एक विशेष अभ्यास किया गया था. इस अभ्यास में एटीएस, डॉग स्क्वायड, जीआरपी, आरपीएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल थीं. असल में, यह अभ्यास एक काल्पनिक आतंकी हमले को ध्यान में रखकर किया गया था ताकि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बल तुरंत जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

इस जांच से ये साफ है कि यह वीडियो पूरी तरह से पुराना है और एक सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा है. इसे किसी आतंकी हमले के रूप में पेश करना पूरी तरह से भ्रामक और गलत है. इसलिए ऐसी किसी भी खबर या वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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