US Iran Conflict: शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अमेरिकी और इजरायली फोर्सेज ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को मार गिराया. खामेनेई की मौत के बाद ईरान, पाकिस्तान, भारत सहित कई देशों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लोग नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ने सबकी ध्यान खींच ली.
कुर्दिश हुसैन जरी (Kurdish Hussein Zari) के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान की मौजूदा सरकार ने एक कुर्द व्यक्ति हुसैन जरी को उसकी छोटी सी बेटी के सामने फांसी दे दी थी.
वायरल हो रही तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति के गले में फांसी का फंदा डाला जा रहा है, लेकिन वह व्यक्ति परेशान होने के बजाय हंस रहा है और अपनी बेटी को हाथ हिलाते हुए अलविदा कह रहा है.
पोस्ट में लिखा है,
कुर्दिश हुसैन जरी को कभी मत भूलना, जिन्हें ईरानी शासन ने उनकी छोटी बेटी के सामने ही फांसी देकर मार डाला था!
Never forget Kurdish Hussein Zari, executed by the Iranian regime right in front of his young daughter! pic.twitter.com/jr9vjd1H3m
— Kurds on X (@kurdX_) February 28, 2026
क्या है सच्चाई?
भारत एक्सप्रेस की टीम ने जब वायरल हो रही तस्वीर को गूगल लेंस से रिवर्स सर्च किया तो पूरी कहानी खुल गई. कुर्दिश हुसैन जरी के नाम से वायरल हो रही तस्वीर दरअसल माजिद कावूसिफार (Majid Kavousifar) की है. जिन्हें 2 अगस्त 2007 को तेहरान में सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ा दिया गया. उन्हें अपने भतीजे हुसैन कावूसिफार के साथ एक जज (मसूद अहमदी मोगादसी) की हत्या में दोषी पाया गया था.
कोई कुर्दिश कनेक्शन नहीं मिला!
इस खबर को कई मीडिया आउटलेट्स ने कवर किया है. जिसमें यह कहीं नहीं बताया गया है कि माजिद कावूसिफार कुर्द थे. वो फारसी मूल के ईरानी व्यक्ति थे. इसके अलावा भारत एक्सप्रेस की टीम को एक नई जानकारी मिली.
वायरल फोटो के साथ शेयर की जा रही एक बच्ची की फोटो भी फर्जी है. किसी भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड में यह नहीं दर्ज है कि फांसी के समय उनकी बेटी मौके पर मौजूद थी या किसी बच्ची के सामने ऐसी घटना हुई.
नाम का गलत हुआ इस्तेमाल
हुसैन जरी नाम से वायरल किया जा रहा यह पोस्ट गलत है. यह पोस्ट हाल के घटनाक्रमों जिसमें अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के संदर्भ में गलत सूचना के साथ शेयर की गई है, ताकि ईरानी शासन की क्रूरता को उजागर किया जा सके.
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माजिद कावूसिफार कौन थे?
माजिद कावूसिफार एक हेयरड्रेसर थे. वो ईरान की न्याय व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे. साल 2005 में उन्होंने सिर्फ एक जज की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वो उसे भ्रष्ट मानते थे.
अपनी फांसी के दौरान कावूसिफार मुस्कुराते दिखाई दिये और अंत तक ईरानी सरकार के न्यायालयों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े दिखाई दिये. यह तस्वीर 2007 की है. इसलिए इस पोस्ट में किया गया दावा गलत है.
-भारत एक्सप्रेस
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