आज के डिजिटल दौर में जहां एक तरफ घर बैठे सारे काम हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जालसाजों ने ठगी के नए-नए तरीके खोज लिए हैं. सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक लेटर बड़ी तेजी से घूम रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार आपको गैस एजेंसी की डीलरशिप दे रही है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई लेटर या मैसेज आया है, तो संभल जाइए. यह आपकी किस्मत बदलने का मौका नहीं, बल्कि आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डालने की एक सोची-समझी साजिश है. सरकारी एजेंसी पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस पूरे मामले की पोल खोलते हुए लोगों को आगाह किया है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं.
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
ठगों ने इस फर्जीवाड़े को इतना असली रूप दिया है कि कोई भी साधारण व्यक्ति आसानी से धोखा खा खा जाए. वायरल हो रहे इस पत्र में ‘एलपीजी वितरक चयन’ (LPG Vitarak Chayan) के नाम का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं, इसमें सरकारी लोगो और ऐसी भारी-भरकम आधिकारिक भाषा लिखी गई है जो देखने में बिल्कुल असली लगती है.
उदाहरण के लिए, एक वायरल लेटर में ‘बारीया जगदीश कुमार’ नाम के व्यक्ति को इंडेन गैस की डीलरशिप आवंटित करने का दावा किया गया है. पत्र में लिखा है कि आपके दस्तावेजों और जमीन की जांच के बाद आपको चुन लिया गया है. आम तौर पर जब लोग अपना नाम और सरकारी मुहर देखते हैं, तो वे बिना सोचे-समझे भरोसा कर लेते हैं, और यहीं से ठगी का खेल शुरू होता है.
‘उज्ज्वला योजना’ से भी जोड़ा?
जालसाजों का असली मकसद आपसे पैसे ऐंठना होता है. इस फर्जी लेटर में बड़े ही शातिराना ढंग से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 31,500 रुपये जमा करने को कहा गया है. लोगों को फंसाने के लिए यह भी लालच दिया जाता है कि ये पैसा बाद में वापस कर दिया जाएगा. बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती; ठगों ने इसमें ‘उज्ज्वला योजना’ का नाम भी घसीट लिया है.
लेटर में दावा किया गया है कि गैस एजेंसी खोलने के लिए कंपनी आपको गाड़ी खरीदने हेतु 30 लाख रुपये और ऑफिस बनवाने के लिए 6 लाख रुपये की भारी-भरकम मदद देगी. इतने बड़े मुनाफे और सरकारी मदद की बात सुनकर कोई भी लालच में आ सकता है, लेकिन हकीकत में यह सिर्फ एक जाल है.
PIB फैक्ट चेक ने क्या कहा?
जब ये मामला सरकार की नजर में आया, तो पीआईबी फैक्ट चेक ने इसकी बारीकी से जांच की. जांच के बाद पीआईबी ने साफ तौर पर कहा कि ‘LPG वितरक चयन’ या किसी भी सरकारी विभाग द्वारा ऐसा कोई लेटर जारी नहीं किया गया है. यह पूरी तरह से जाली है और ठगी के इरादे से बनाया गया है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी या पैसा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या वेबसाइट को न दें. अगर आपको गैस एजेंसी की डीलरशिप के लिए आवेदन करना है, तो हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी विज्ञापनों पर ही भरोसा करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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