Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह मेरठ का है जहां कथित तौर पर 6 मस्जिदें तोड़ी गई और 52 मुस्लिम परिवारों के घरों में आग लगाकर उन्हें जिंदा जलाया गया लेकिन पड़ताल में सामने आया कि यह दावा पूरी तरह झूठा है.
वायरल वीडियो का सच
10 मई को एक फेसबुक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मेरठ में मस्जिदें ध्वस्त की गईं और मुस्लिम घरों को जलाया गया. इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी.
पड़ताल की शुरुआत
भारत न्यूज ने इस दावे की जांच की. गूगल पर सर्च करने पर ऐसी किसी घटना की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली. इतनी बड़ी घटना होती तो मीडिया में जरूर खबर होती.
क्या है वीडियो की असलियत?
वीडियो के कीफ्रेम निकालकर गुगल रिवर्स इमेज से जांच की गई. यह वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे 9 मई को अपलोड किया गया था. चैनल के मुताबिक यह हापुड़ का है जहां महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा के दौरान दो गुटों में झड़प थी.
मीडिया रिपोर्टस ने खोला सच
अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में साफ लिखा गया कि हापुड़ के साठा चौरासी क्षेत्र में शोभायात्रा के बाद माहौल बिगड़ा और करीब आधे घंटे तक पथराव हुआ. दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट भी हुई.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की
हापुड़ पुलिस ने 10 मई को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि घटना में शामिल 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 5 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. पुलिस अधीक्षक ने आधिकारिक बयान भी जारी किया.
क्या है मामला?
साल 2025 में मेरठ के फलावदा क्षेत्र में 6 मजारों को तोड़ने की घटना हुई थी. उस समय मुस्लिम समुदाय ने विरोध जताया था और पुलिस ने अलर्ट जारी किया था. शायद इसी घटना को आधार बनाकर फर्जी दावा गढ़ा गया
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पड़ताल से साफ है कि वायरल वीडियो मेरठ का नहीं ब्लकि हापुड़ का है. मस्जिदें तोड़ने और घर जलाने का दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है. यह झूठी पोस्ट माहौल बिगाड़ने के इरादे से फैलाई गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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