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फैक्ट चेक

जेफरी एपस्टीन केस की फाइलों के नाम पर पीएम मोदी और राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं. हमारी जांच में सामने आया कि ये तस्वीरें पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई फर्जी तस्वीरें हैं.

सोशल मीडिया पर ट्रंप टावर के बाहर हजारों की भीड़ का एक वीडियो 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के नाम पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि फाइल्स में नाम आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है.

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ईसाई धर्म और ईसा मसीह को लेकर कुछ खास बातें कहते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और लोग इसे अलग-अलग दावों के साथ शेयर कर रहे हैं.

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है. इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से एक विवादित बयान वाला ग्राफिक जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें जातिवाद और यूजीसी नियमों के विरोध को जोड़ा गया है.

सोशल मीडिया पर मशाल जुलूस का एक वीडियो दिल्ली में यूजीसी (UGC) के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन बताकर वायरल किया जा रहा है. लेकिन क्या वाकई में सच है? आइए जानते है वायरल हो रहे इस वीडियो का सच.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिठाई खाते हुए दिखाया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि UGC के नए नियमों पर रोक लगने के बाद दोनों ने ‘जलेबी पार्टी’ की. लेकिन असल सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते है.

सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर बजट 2026-27 के लीक होने का दावा तेजी से वायरल हुआ, लेकिन PIB फैक्ट चेक ने इन तस्वीरों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है. जानिए वायरल इमेज की सच्चाई और बजट से जुड़ा पूरा फैक्ट चेक.

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर एक रील तेजी से वायरल हो रही है. इस रील में सिंगर के नाम और फोटो वाले अकाउंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर एक चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है, जिसने फैंस को हैरान कर दिया है. जानें क्या है सच.

UGC के नए नियमों को लेकर चल रहे विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह बयान यूजीसी एक्ट को लेकर दिया गया है. लेकिन सच कुछ और ही है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का ‘कलमा’ पढ़ने से जुड़ा वायरल वीडियो एडिटेड और भ्रामक है. फैक्ट चेक में सामने आया कि वीडियो पुराना है और उसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है.