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होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पेट्रोल-डीजल की कमी?  BPCL ने दावों को किया खारिज, जानें सच

सोशल मीडिया पर ‘होर्मुज स्ट्रेट’ तनाव के कारण भारत में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी होने का दावा किया जा रहा है, जिसे BPCL ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार, भारत के पास किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 56 दिनों (8 हफ्ते) का पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है.

BPCL on Petrol Shortage India

ये इमेज एआई द्वारा बनाई गई है.

Petrol Shortage India: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को एक हफ्ता बीत चुका है. एक ओर इसको लेकर वैश्विक तनाव और अमेरिका के रणनीतियों की खबरें आ रही है. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इससे जुड़े अलग-अलग दावे फैल रहे है. इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि इसके बंद होने या प्रभावित होने से भारत में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी होने वाली है. कई यूजर ने तो ये भी दावा किया है भारत के पास केवल कुछ ही हफ्तों का तेल बचा हुआ है. लेकिन क्या ये वाकई में सच है? क्या सच में भारत इस संकट से जूझने वाला है? आइए जानते है

क्या है दावा?

दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ये दावा किया जा रहा है कि भारत के पास केवल कुछ ही हफ्तों का पेट्रोलियम ऑइल बचा है.

इन दावों में लोगों को तुरंत अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने की सलाह दी जा रही है, जिसके चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई.

क्या है सच?

बता दें कि भारत पेट्रोलियम (BPCL) अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए नागरिकों से शांत रहने की अपील की है.

इसपर संज्ञान लेते हुए BPCL ने अपने पोस्ट में लिखा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने की सोशल मीडिया अफवाहें भ्रामक हैं. भारत में पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है और किसी भी अल्पकालिक वैश्विक व्यवधान का सामना करने की पूरी व्यवस्था है.

8 हफ्तों का तेल भंडार मौजूद

वहीं, सरकारी सूत्रों की माने तो भारत ने किसी भी संभावित वैश्विक संकट या आपात स्थिति से निपटने के लिए अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार कर लिया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के पास वर्तमान में लगभग 8 सप्ताह (56 दिन) की जरूरत के बराबर कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार मौजूद है. इस बफर स्टॉक में देश का ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) भी शामिल है, जो किसी भी आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट आने पर देश की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है.

साथ ही भारत ने अपनी ईंधन आपूर्ति को लेकर रणनीतिक बदलाव किए हैं, जिससे अब वह पूरी तरह से ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर निर्भर नहीं रहा. आंकड़ों के अनुसार, अब भारत अपनी कुल तेल खपत का मात्र 40% ही इस मार्ग से मंगाता है. शेष 60% तेल की आपूर्ति रूस, अमेरिका और अन्य सुरक्षित समुद्री मार्गों के जरिए हो रही है.

बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भारत को एक बड़ी राहत देते हुए समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट (Waiver) दी है. इस कदम से घरेलू बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता और तेजी से बढ़ेगी, जिससे किसी भी तरह की संभावित कमी की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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