Fact Check: आज कल सोशल मीडिया का दौर है और यहां कब क्या वायरल हो जाए कोई नहीं जानता. ऐसे में कई फैक खबरे भी इंटनेट पर काफी तेजी से वायरल होती हैं और लोग उन झूठी खबरों पर विश्वास भी कर लेते हैं. इसी बीच एक और फर्जी खबर पिछले की दिनों से सोशल मीडिया पर लायरल हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी के नाम से उनके फर्जी हस्ताक्षर वाला एक पत्र तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिससे देखकर कोई भी धोखा खा सकता है. वहीं अगर हाल ही में आपके पास भी ऐसा कोई पक्ष पहुंचा है तो जरा संभल जाइए क्योंकि ये पूरी तरह से फर्जी है. इस वायरल सच की पड़ताल खुद सरकार की आधिकारिक एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने की है.
क्या है वायरल पत्र का सच?
सोशल मीडिया पर घूम रहे इस लेटर में ऐसा दावा किया जा रहा है कि इसे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया है और इस पर उनके दस्तखत भी हैं. इस फर्जी पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के नाम से भारत के राष्ट्रपति को एक इस्तीफा भेजा हुआ दिखाया गया है. पत्र में यह दर्शाया गया है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभावनाओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे दिया है.

जब इस दावे की असलियत खंगाली गई तो सामने आया कि पीएम कार्यालय से ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है. वे हस्ताक्षर पूरी तरह से फर्जी हैं और इसका मकसद सिर्फ लोगों को भ्रमित करना या किसी तरह की अफवाह फैलाना हो सकता है.
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए रहें अलर्ट
आज के समय में साइबर ठग लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए नए-नए तरीके ढूंढते रहते हैं. ऐसे फर्जी पत्र या दावे अक्सर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए फैलाए जाते हैं. सरकार ने आम जनता को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा बिल्कुल न करें. किसी भी तरह की स्कीम, दावे या पत्र पर यकीन करने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक स्रोतों से जरूर जांच लें.
ये भी पढे़ं- क्या सच में असम की बाढ़ में बह गया पुल और बस? जानिए वायरल हो रहे 4 क्लिप्स वाले वीडियो का पूरा सच
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

