Fact Check: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है जिसमें बुर्का पहने एक महिला और एक व्यक्ति के बीच बहस और हाथापाई होती दिख रही है. इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देखकर दावा किया गया कि प्रयागराज में दबंगों ने मुस्लिम महिला पर तमंचा लहराते हुए गोली चला दी.
पड़ताल में सामने आई सच्चाई
भारत एक्सप्रेस न्यूज ने इस वायरल दावे की जांच की और पाया कि यह दावा पूरी तरह गलत है. असल में घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है. दोनों पक्ष एक ही समुदाय से हैं और विवाद पैसों व जमीन के लेन-देन को लेकर हुआ था.
वायरल पोस्ट में क्या कहा गया?
एक एक्स यूजर ने 20 मई 2026 को वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि प्रयागराज में मुस्लिम महिला पर दबंगों ने खुलेआम फायरिंग की. पोस्ट में सरकार पर भी निशाना साधा गया. यह दावा वास्तविकता से मेल नहीं खाता.
कैसे हुई जांच?
वीडियो के कई फ्रेम निकालकर गूगल रिवर्स इमेज से खोज की गई. इस दौरान एक रिपोर्ट मिली, जिसमें साफ लिखा था कि घटना प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र की है और यह जमीन व पैसों के विवाद से जुड़ी है.
जमीन सौदे से जुड़ा विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, मलावा खुर्द निवासी सोनू अहमद और अमीना ने दो साल पहले जमीन का सौदा किया था. अमीना ने एडवांस रकम भी दी थी लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो पाई. कई बार पैसे वापस मांगने पर विवाद बढ़ा और झगड़ा हाथापाई में बदल गया.
गोली चलने की घटना
झगड़े के दौरान सोनू अहमद ने अमीना के बेटे असद पर अवैध हथियार से फायर कर दिया. गोली बगल से निकल गई लेकिन छर्रे लगने से असद घायल हो गया. घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे भागने लगे.
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही झूंसी थानाध्यक्ष महेश मिश्रा और रहीमापुर चौकी इंचार्ज जयराम सरोज टीम के साथ मौके पर पहुंचे. आरोपी घर से फरार हो गया लेकिन पुलिस ने महिलाओं से पूछताछ की.
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जांच से साफ हो गया कि वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ फैलाया गया. इसमें कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं था. असल में यह मामला पैसों और जमीन के लेन-देन से जुड़ा था, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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