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क्या मोहन भागवत इफ्तार पार्टी में हुए शामिल? जानें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का असली सच

मोहन भागवत और चीफ इमाम उमेर इलियासी का एक वीडियो इफ्तार पार्टी के नाम से वायरल हो रहा है. पड़ताल में पता चला कि यह 2023 में एक शादी के रिसेप्शन का वीडियो है, जिसे अब गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है.

Fact Check RSS Chief Mohan Bhagwat

आजकल सोशल मीडिया पर किसी भी पुरानी घटना को नया रंग देकर परोसना एक ट्रेंड बन गया है. ताजा मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से जुड़ा है. इंटरनेट पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिसमें मोहन भागवत ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम, डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी के साथ बैठे नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करने वाले लोग दावा कर रहे हैं कि भागवत जी ने हाल ही में एक ‘इफ्तार पार्टी’ में शिरकत की है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आइए जानते है.

क्या है वायरल दावा?

फेसबुक और एक्स पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को पोस्ट किया है. वीडियो के साथ जो कैप्शन लिखे जा रहे हैं, उनमें तीखी बयानबाजी की गई है.

दावा किया जा रहा है कि एक तरफ हिंदू-मुस्लिम की राजनीति होती है और दूसरी तरफ मोहन भागवत खुद इफ्तार के मजे ले रहे हैं.

पड़ताल में सामने आया सच

पड़ताल करते समय जब इस वीडियो के की-फ्रेम्स को निकालकर इंटरनेट पर खंगाला गया, तो पता चला कि यह वीडियो न तो हाल फिलहाल का है और न ही इसका इफ्तार से कोई लेना-देना है. असल में, ये वीडियो जुलाई 2023 का है. उस वक्त डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी के बेटे, फैजान मुनीर के निकाह का रिसेप्शन दिल्ली के जनपथ स्थित वेस्टर्न कोर्ट में आयोजित किया गया था. मोहन भागवत उसी पारिवारिक समारोह में बधाई देने पहुंचे थे.

इमाम उमेर अहमद इलियासी ने खुद अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर 9 जुलाई 2023 को इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो साझा किए थे. साफ है कि ढाई-तीन साल पुराने एक शादी के फंक्शन को अब रमजान के महीने के आसपास ‘इफ्तार’ बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है.

संघ की तरफ से भी हुई पुष्टि

इस मामले में संघ के जानकारों और पदाधिकारियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. संघ की तरफ से स्पष्ट किया गया कि सरसंघचालक अक्सर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गुरुओं से मिलते रहते हैं, लेकिन इस विशेष वीडियो को इफ्तार से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है. ये महज एक शादी के रिसेप्शन की क्लिप है जिसे काट-छांट कर वायरल किया गया है.

इसलिए, सोशल मीडिया पर किसी भी ऐसी जानकारी पर तुरंत यकीन न करें जो समाज में तनाव या भ्रम पैदा करती हो. ऐसे किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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