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योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर भड़के हाई कोर्ट के जज? जानें क्या है असली वजह

सोशल मीडिया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने से नाराज जज साहब ने योगी सरकार और उनके अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है.

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने से नाराज जज साहब ने योगी सरकार और उनके अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है. वीडियो में कहा जा रहा है कि अदालत ने मस्जिद को डीएम के निजी पैसों से दोबारा बनवाने का आदेश दिया है.

क्या है वायरल दावा?

दरअसल, एक सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो को शेयर किया. वाडियो को पोस्ट करते हुए यूजर ने लिखा, ‘बुल्डोजर एक्शन पर भड़के जज साहब! सहारनपुर मस्जिद DM के पैसों से बनेंगी?’

वहीं, वायरल वीडियो में भी एंकर बोलता है कि यूपी के सहारनपुर में मस्जिद को गिराए जाने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. इसके साथ ही कोर्ट की ऑनलाइन सुनवाई की एक क्लिप दिखाई जाती है, जिसमें जज साहब किसी अधिकारी को फटकारते हुए कह रहे हैं, ‘क्यों तोड़ दिया आप लोगों ने घर? क्या यहां भी बुलडोजर चलने लगा?… पर्सनल पॉकेट से पांच-पांच लाख का मुआवजा दिलवाएंगे.’

क्या है असल सच्चाई?

वायरल वीडियो की जानने के लिए कोर्ट वाले हिस्से को रिवर्स इमेज सर्च किया गया. सर्च करते ही वीडियो की असलियत सामने आ गई. दरअसल, सर्च में एक इसी से जुड़ी एक प्रतिष्ठित न्यूज संस्था की रिपोर्ट मिली, जिसे दिसंबर, 2022 में पब्लिश किया गया था. इसके अलावा यह क्लिप उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि पटना हाईकोर्ट की है.

रिपोर्ट के अनुसार, उस वक्त पटना हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप कुमार संजोगा देवी नाम की एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. महिला का घर अवैध तरीके से बुलडोजर से तोड़ दिया गया था, जिस पर नाराजगी जताते हुए जज साहब ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी.

क्या है सहारनपुर मस्जिद का असल विवाद?

सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को अवैध अतिक्रमण मानते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई को गिराने का आदेश दिया था और जुर्माना लगाया था. मस्जिद कमेटी ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन 2 सितंबर को याचिका खारिज होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की. स्थानीय नेताओं और मस्जिद कमेटी ने इसे 100 साल पुरानी इमारत बताया था.

निष्कर्ष

इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रहा क्लिप से किया जा रहा दावा पूरी तरह झूठा है, जिसे भ्रामक तौर पर फैलाया जा रहा है. इसलिए ऐसे किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले एक उसके सच होने पर मंथन जरूर करें. बिना किसी विश्वसनीय रिपोर्ट के ऐसे वीडियोज पर भरोसा न करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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