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Fact Check : क्या नेपाल में Gen-z प्रदर्शनकारियों ने पशुपति नाथ मंदिर पर किया था हमला? जानिए वायरल वीडियो का सच

Nepal Protests: नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच पशुपतिनाथ मंदिर का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे प्रदर्शनकारियों का हमला बताया गया. फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो मार्च 2025 की नक्साल भगवती यात्रा और पहाचरे त्योहार से जुड़ी परंपरा का है.

Nepal Protests

Nepal Protests Fact Check: नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ शुरू हुआ ‘Gen-z आंदोलन’ हिंसक हो गया है. हालात बिगड़ने पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया. प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों, संसद और नेताओं के घरों में आगजनी कर दी. अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग घायल हैं.

मंदिर से जुड़ा वीडियो हुआ वायरल

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है. इसमें कुछ लोग काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के बंद दरवाजे को तोड़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं. इसे प्रदर्शनकारियों से जोड़ा जा रहा है.कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि सरकार से गुस्सा है तो मंदिर क्यों निशाने पर है.

फैक्ट चेक में क्या निकला?

जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं है. यह जुलाई 2025 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. दरअसल, यह वीडियो पहाचरे त्योहार के दौरान होने वाली एक परंपरा को दिखाता है.

नक्साल भगवती यात्रा की परंपरा

वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स की रिवर्स सर्च से पता चला कि इसे 14 जुलाई 2025 को ‘Hamro Jatra’ नाम के फेसबुक पेज पर डाला गया था. स्थानीय लोगों के अनुसार यह नक्साल भगवती यात्रा से जुड़ा है. इस यात्रा में भक्त पशुपतिनाथ मंदिर के बंद द्वार को जबरन खोलने की कोशिश करते हैं. यह परंपरा हर साल निभाई जाती है.

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वीडियो बनाने वाले का बयान

इस वीडियो को शूट करने वाले वीडियोग्राफर श्याम था ने पुष्टि की कि यह 30 मार्च 2025 का है. उन्होंने बताया कि यह वीडियो आंदोलन से जुड़ा नहीं है. यह दरअसल नक्साल इलाके से शुरू होने वाली यात्रा का हिस्सा है, जिसमें रथ मंदिर तक लाया जाता है और दरवाजे को प्रतीकात्मक रूप से तोड़ने की रस्म निभाई जाती है.

धार्मिक मान्यता के पीछे की कहानी

स्थानीय मान्यता के मुताबिक, भगवान शिव और पार्वती के बीच हुए मतभेद के कारण शिव ने मंदिर का द्वार बंद कर दिया था. इससे देवी पार्वती को बाहर ही भोजन करना पड़ा. इसी घटना की याद में नक्साल भगवती यात्रा निकाली जाती है. भक्त रथ को मंदिर के दरवाजे से टकराते हैं और उसे खोलने की कोशिश करते हैं.

मौजूदा हालात

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने भी मंदिर में घुसने की कोशिश की थी. हालांकि नेपाली सेना ने समय पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली. इस समय मंदिर की सुरक्षा सेना के हाथों में है.

नतीजा

साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है. यह मंदिर पर हमले का नहीं बल्कि नेपाल के एक पारंपरिक उत्सव का हिस्सा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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