Fact Check: पंजाब इस समय पिछले 40 सालों की सबसे भयानक बाढ़ से जूझ रहा है. बाढ़ के कारण अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिसके चलते इसे आपदाग्रस्त प्रदेश घोषित कर दिया गया है. राज्य सरकार और कई सामाजिक संस्थाएं प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य कर रही हैं.
पंजाब में एक परिवार ने अपनी ज़मीन में अमेरिकी डॉलर गाड़ रखे थे, जो अब बाढ़ के बाद पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं।
सवाल यह है कि ये पैसे कहाँ से आए.?
कबूतरबाज़ी..?
ख़ली$तानी कनेक्शन..?
कथित किसान विरोध प्रदर्शन..?
या ‘कुदरती’ तोहफ़ा..? pic.twitter.com/B2K7YdaVeq— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) September 3, 2025
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मिट्टी से नोटों की गड्डियां निकालते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये अमेरिकी डॉलर हैं, जो पंजाब में आई बाढ़ के बीच एक घर से मिले हैं. वीडियो में वॉइसओवर में यह भी कहा गया कि ये पैसे किसान विरोध प्रदर्शन, खालिस्तानी कनेक्शन या किसी अन्य संदिग्ध स्रोत से आए हैं.
क्या है वायरल वीडियो के पीछे का सच?
भारत एक्सप्रेस फैक्ट चैक ने पुष्टि की है कि यह वायरल वीडियो पंजाब की बाढ़ से संबंधित नहीं है. वीडियो का असली स्रोत अमेरिका है. वायरल पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने बताया कि यह वीडियो पुराना है और पंजाब का नहीं है. वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका लंबा वर्जन टिकटॉक अकाउंट Galaxy Restore (ifound504) पर मिला. इसे 29 जुलाई, 2025 को पोस्ट किया गया था, जिसमें लोकेशन अमेरिका के लॉस एंजेलिस दिखाई गई थी. वीडियो में जो ऑडियो है वह बाद में जोड़ा गया है.
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सोशल मीडिया पर वीडियो का असली संदर्भ
Galaxy Restore के अकाउंट पर वीडियो के अलावा और कई क्लिप भी मिले, जिनमें मिट्टी से नोट, महंगे फोन और गहने निकालते हुए दिखाया गया है. ये सभी वीडियो सोशल मीडिया के मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करने के लिए बनाए गए प्रतीत होते हैं, न कि किसी वास्तविक घटना के. यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर भी इसी तरह के वीडियो पोस्ट किए गए हैं. चैनल का बायो सिंगापुर का बताता है, जबकि फेसबुक पेज में लोकेशन थाईलैंड के चियांग माई की दिखाई गई है.

निष्कर्ष
वायरल वीडियो पंजाब की बाढ़ से संबंधित नहीं है और यह बाढ़ के पहले का है. इस वीडियो को देखकर गलत दावा फैलाया गया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद और सतर्कता की जरूरत है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को सच्चाई समझकर साझा नहीं किया जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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