Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवक को बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा जा रहा है. वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कियह घटना उत्तर प्रदेश की है और बीजेपी सरकार में गुंडाराज है चरम पर पहुंच चुका है. कुछ लोग इसे अमृकाल का रामराज्य तंज कस ररहे हैं तो कुछ मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.

लेकिन जब इस वीडियो की सच्चाई की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक है. दरअसल यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि बिहार के किशनगंज जिले का है.
क्या है असली मामला?
गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए वीडियो की जांच की गई जिसमें यह वीडियो 23 अगस्त 2025 को न्यूज ऐप पर मिला. रिपोर्ट की माने तो किशनगंज के बहादुरगंज थाना क्षेत्रमें एक 18 वर्षिय युवक को चोरी के आरोप में दुकानदारों ने तालिबानी सजा दी. युवक को बिजली के खंबे से बांधकर पीटा गया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार मोज्जम और इजहार समेत कुल दस लोगों के खिलाफ बहादुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. आगे की कार्रवाई भी जारी है.
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इस घटना की पुष्टि एक बड़े मीडिया हाउस ने भी अपनी रिपोर्ट में की है जो 23 अगस्त 2025 को प्रकाशित हुई थी. रिपोर्ट में साफ-साफ बताया गया है कि यह मामला बिहार का है ना कि उत्तर प्रदेश का है.
निष्कर्ष- अफवाह से बचें
फैक्ट चेक में यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा फर्जी है. यह घटना उत्तर प्रदेश की नहीं है और इसे राजनीतिक रंग देकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर कर लें.
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-भारत एक्सप्रेस
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