रिपोर्ट- दिपक दीपक सिंह चौहान
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ से आई यह खबर न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है. कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के बीचोबीच बाई सागर पारा, तेरहपंथ के पास बड़ी मात्रा में दवाइयां बिखरी हुई मिलीं. हैरानी की बात यह रही कि इन दवाइयों के बीच छोटे-छोटे बच्चे खेलते नजर आए और उनके डिब्बे उठाते दिखे.
स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि इन दवाइयों पर 2027 तक की एक्सपायरी डेट दर्ज है. इसके बाद मामला और भी गंभीर हो गया.
CMHO ने की कार्रवाई
सड़कों पर फेंकी दवाइयां की सूचना जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को दी गई. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया. मौके पर सहायक औषधि नियंत्रक जितेंद्र पाटीदार, ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मिंज और ड्रग इंस्पेक्टर विकास लकड़ा पहुंचे. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये दवाइयां पशु विभाग की हैं, जिनमें कुछ दवाओं की एक्सपायरी लंबी है, जबकि कुछ दवाइयां पहले ही एक्सपायर हो चुकी हैं.
जांच के बाद इसकी जानकारी पशु विभाग के अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे. अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां खुले में कैसे पहुंचीं और इन्हें किसने फेंका. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमेटी बनाकर जांच की मांग उठी है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.
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ड्रग इंस्पेक्टर ने क्या कहा
ड्रग इंस्पेक्टर विकास लकड़ा ने मीडिया से बातचीत करेत हुए बताया कि, “हमारे उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जानकारी मिली कि बाई सागर पारा में बीच सड़क पर दवाइयां फेंकी गई हैं. हमारी टीम मौके पर पहुंची और जांच में पता चला कि ये वेटरनरी (पशु चिकित्सा) विभाग की दवाइयां हैं. इनमें कुछ CGSP की दवाइयां भी शामिल हैं, जो एक्सपायर हो चुकी हैं. फिलहाल पशु विभाग को बुलाया गया है और हमारी टीम आगे की जांच कर रही है”.
-भारत एक्सप्रेस
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