Dengue Alert India
Dengue Alert India: मानसून के साथ देश के कई हिस्सों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इनमें डेंगू प्रमुख है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, बारिश और उसके बाद की नमी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती हैं, जिससे डेंगू संक्रमण का प्रसार बढ़ सकता है. भारत में अप्रैल 2026 तक डेंगू के कुल 12,566 मामले रिपोर्ट किए गए थे. डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है. WHO के अनुसार इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखाई दे सकते हैं. तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और शरीर पर चकत्ते इसके सामान्य लक्षण हैं.
बुखार उतरना हमेशा ठीक होने का संकेत नहीं
डेंगू में सबसे ज्यादा सावधानी उस समय बरतने की जरूरत होती है जब बुखार कम होने लगे. WHO के अनुसार गंभीर डेंगू की क्रिटिकल फेज बीमारी के शुरुआती लक्षणों के करीब 3 से 7 दिन बाद आ सकती है. इस दौरान तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों से खून आना, तेजी से सांस लेना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी, उल्टी अथवा मल में खून, बहुत ज्यादा प्यास लगना और त्वचा का पीला या ठंडा पड़ना चेतावनी के संकेत हो सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.
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बचाव के लिए क्या करें?
डेंगू से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें. कूलर, गमले, बाल्टी, टायर और अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहां पानी जमा हो सकता है. मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और घर की खिड़कियों पर जाली लगाएं. एडीज मच्छर दिन के समय भी सक्रिय रहता है, इसलिए केवल रात में मच्छर से बचाव करना पर्याप्त नहीं है. WHO के मुताबिक डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है. मरीज को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है. बुखार या दर्द के लिए दवा डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए. एस्पिरिन और इबुप्रोफेन से बचना चाहिए, क्योंकि डेंगू में इनसे रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है.
भारत एक्सप्रेस
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