Singrauli ATM Loot Attempt: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के जयंत चौकी क्षेत्र से बेखौफ बदमाशों की दुस्साहसिक वारदात और पुलिस की लचर गश्त व्यवस्था का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शंकर मार्केट स्थित निजी कंपनी ‘हिताची’ (Hitachi) के एटीएम सेंटर में देर रात घुसे अज्ञात बदमाशों ने एटीएम मशीन को पूरी तरह से तोड़ डाला और कैश लूटने की पुरजोर कोशिश की.
हालांकि, किस्मत से बदमाश कैश बॉक्स को भेदने में नाकाम रहे और खाली हाथ फरार हो गए. सुबह होते ही जब स्थानीय लोगों ने टूटी हुई एटीएम मशीन देखी, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही विंध्यनगर थाना प्रभारी (TI) पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की.
भगवान भरोसे चल रहे ATM?(Singrauli ATM Loot Attempt)
इस बड़ी वारदात के बाद एटीएम सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल पूरी तरह से खुल गई है. जांच में सामने आया कि हिताची कंपनी के इस एटीएम सेंटर पर न तो कोई सुरक्षा गार्ड तैनात था और न ही अंदर कोई सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाया गया था. प्राइवेट बैंक और एटीएम कंपनियों की इस घोर लापरवाही के कारण अब पुलिस को सुराग पाने के लिए आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़ रहे हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि महज 5 महीने पहले ही जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े 7 किलो सोना और 55 लाख रुपये की डकैती हुई थी, लेकिन उस महा-लूट से भी किसी ने कोई सबक नहीं सीखा.
2 महीने से खाली पड़ी है चौकी इंचार्ज की कुर्सी
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का गुस्सा इस बात को लेकर भी चरम पर है कि जयंत पुलिस चौकी में पिछले दो महीनों से कोई स्थाई चौकी प्रभारी (इंचार्ज) तैनात नहीं है. प्रभारी न होने की वजह से पूरे इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त पूरी तरह से ठप पड़ी है और कानून-व्यवस्था लचर हो चुकी है.
जयंत जैसे संवेदनशील और व्यापारिक इलाके में गश्त न होने का ही फायदा उठाकर बेखौफ बदमाशों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद से ही शंकर मार्केट के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है.
यह भी पढ़ें: आंखों में मिर्च झोंकी फिर डंडे-ईंट से पीटा, दिल्ली पुलिस पर असामाजिक तत्वों का जानलेवा हमला
दरोगाओं की सेटिंग में उलझी सुरक्षा व्यवस्था?
जयंत पुलिस चौकी में पिछले दो महीने से इंचार्ज न होने के पीछे पुलिस महकमे के भीतर की खींचतान को बड़ा कारण माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, जयंत चौकी की ‘मलाईदार’ पोस्टिंग पाने के लिए जिले के लगभग एक दर्जन दरोगा सिंगरौली से लेकर भोपाल तक अपनी-अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक सेटिंग बैठाने में जुटे हुए हैं.
अधिकारियों और दरोगाओं की इस कुर्सी की खींचतान के चक्कर में आम जनता और व्यापारियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दी गई है. फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर अज्ञात बदमाशों की तलाश में जुट गई है, लेकिन इस घटना ने सिंगरौली पुलिस की मुस्तैदी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

