Vikas Abrol
देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के योद्धा कैप्टन अमर जीत कुमार (रिटायर्ड ) ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को पत्र लिखकर देश की सेवा में दोबारा शामिल होने की इच्छा जताई है. 75 वर्ष की उम्र में भी वह युद्धभूमि में जाने को तैयार हैं.
अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “एक सैनिक कभी रिटायर नहीं होता. शरीर से सेवा छिन सकती है, लेकिन आत्मा से नहीं. मैं मानसिक रूप से भी तैयार हूं और शारीरिक रूप से भी युद्ध के मैदान में उतरने को तत्पर हूं.”

कैप्टन अमर जीत कुमार ने 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के जेसोर में ‘बैटल ऑफ गरीबपुर’ में हिस्सा लिया था और भारतीय सेना के उस ऐतिहासिक विजय अभियान का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने लिखा, “मुझे गर्व है कि मैं भारतीय सेना के उस स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा रहा हूं. आज जब पाकिस्तान के साथ युद्ध के हालात बन रहे हैं, तो मैं फिर से अपने देश के लिए लड़ना चाहता हूं.”
उन्होंने यह भी कहा कि देश को इस समय अनुभवी और समर्पित सैनिकों की जरूरत है. “मैं बिना वेतन और रैंक की मांग किए तुरंत ड्यूटी के लिए तैयार हूं. मैं अकेला नहीं हूं, मेरे जैसे कई रिटायर्ड सैनिक देश के लिए फिर से हथियार उठाने को तैयार हैं.”
उनका यह भावनात्मक पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और देशभर में देशभक्ति की मिसाल बन गया है.
रिपोर्टर- विकाश अबरोल
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-भारत एक्सप्रेस
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