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26/11 के गुमनाम जांबाज! मुंबई हमले के दौरान 4 खोजी कुत्तों ने रोकी थी बड़ी तबाही, अमिताभ बच्चन ने किया था सम्मानित

26/11 Mumbai Attack Detector Dogs:  मुंबई पुलिस के बम निरोधक दस्ते के चार खोजी कुत्तों ने 26/11 आतंकी हमलों के दौरान आरडीएक्स, ग्रेनेड और छिपाकर रखे गए अन्य विस्फोटकों को बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनकी मदद से मुंबई और अधिक तबाही से बच गया.

Mumbai Attack

26/11 Mumbai Attack Detector Dogs:  साल 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था. इस भयावह आतंकी हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. 26/11 मुंबई हमला ने दुनिया के सामने आतंकवाद का वो चेहरा पेश किया जिसे अबतक नजरअंदाज किया जाता रहा. इस हमले के 17 सालों बाद भी कई बहादुरी की कहानियां याद की जाती हैं.

जहां एक तरफ इस हमले को रोकने में कुर्बानी देने वाले जांबाजों के प्रति देश जहां सम्मान करता है. वहीं कुछ ऐसी भी योद्धा रहे जिनके बारे में कम बातें होती हैं. जबकि इन्होंने इस घातक आतंकी हमले के दौरान और अधिक विनाश को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ये जांबाज कोई और नहीं बल्कि 4 कुत्ते थे, जिन्होंने अपनी सूंघने की क्षमता और निष्ठावान देश सेवा से अनगिनत लोगों की जान बचाई थी और शहर में जगह-जगह प्लांट किये हुए विस्फोटकों को बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

4 कुत्तों की बहादुरी से बच गई मुंबई

साल 2008 में 26/11 का मुंबई आतंकी हमला लगभग 4 दिनों तक चला. इसे भारत के सबसे भीषण आतंकवादी घटना मानी जाती है. इस हमले में सभी आतंकवादियों को मार गिराने के बाद मुंबई पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती थी आतंकवादियों के द्वारा शहर में प्लांट किये गए विस्फोटकों को बरामद करना. इस खोज को अंजाम देने के लिए मुंबई पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने अपने 4 प्रशिक्षित खोजी कुत्तों को शामिल किया था. जिनके नाम मैक्स, टाइगर, सुल्तान और सीजर थे.

ये कुत्ते सिर्फ अपने काम के प्रति समर्पित ही नहीं थे, बल्कि एक अच्छे दोस्त भी थे. इन्होंने साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया था, साथ में रहे और देश के लिए अपनी सेवाएं दी.

Sniffer Dogs

घातक विस्फोटकों को सूंघ लेता था मैक्स

मैक्स का जन्म 2004 में हुआ था. जब वह छोटा पिल्ला था तभी वह मुंबई पुलिस के बम निरोधक दस्ते में शामिल हुआ. पुणे में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसकी गिनती मुंबई पुलिस के सबसे भरोसेमंद खोजी कुत्ते के रूप में होने लगी. मैक्स ने 20/11 मुंबई हमले के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अपनी सूंघने की शक्ति के दम पर मैक्स ने 8 किलोग्राम आरडीएक्स, 25 ग्रेनेड, 4 डेटोनेटर और बॉल बेयरिंग के छर्रे को खोजा. मैक्स के इस खोज ने मुंबई में और अधिक तबाही मचने से रोक दिया. इस काम को अंजाम देने के बाद उसकी जमकर तारीफ की गई. यहां तक की अमिताभ बच्चन ने उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया था.

टाइगर और सुल्तान थे बचपन के दोस्त

मुंबई हमले के दौरान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले टाइगर और सुल्तान एक साथ पले-बढ़े थे. उन्होंने डीडीडीएस की गोरेगांव इकाई के साथ मिलकर काम किया. दोनों बेहद शांत और शातिर माने जाते थे.

26/11 हमले के दौरान दोनों कुत्तों ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ऑपरेशन खत्म होने के बाद टाइगर को ताज महल होटल के बाहर तैनात किया गया. जहां वह सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी देखता रहा.

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शांत लेकिन निडर था सीजर

मैक्स की तरह सीजर भी एक बेहद चौकन्ना और बेहतरीन खोजी कुत्ता था. उसे बम की पहचान का प्रशिक्षण दिया गया था. उसने मात्र 3 महीने की उम्र में बीडीडीएस ज्वाइन किया था और 2005 से 2013 तक अपनी सेवाएं दी. मुंबई हमले के दौरान सीजर ने सीएसटी रेलवे स्टेशन पर दो हथगोलों की खोज की. वहीं ताज होटल परिसर में रखे गए 8 किलोग्राम आरडीएक्स की भी खोज सीजर ने ही की थी.

एक दशक से अधिक समय तक अपनी बेहतरीन सेवा देने के बाद मैक्स, टाइगर, सुल्तान और सीजर 2015 में सेवानिवृत्त हो गए. सेवा से मुक्त होने के बाद इन चारों देशभक्तों की बेहद सराहना की गई. उन्हें एक पशु प्रेमी फिजाज अहमद ने गोद लिया था.

-भारत एक्सप्रेस



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