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नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस में दिखा मौत का मंजर, तीन दिनों में पहुंचे 75 शव, क्या भीषण गर्मी से जा रही लोगों की जान?

हालात ये हैं कि डॉक्टरों की संख्या कम होने की वजह से शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा है. इसके लिए और डॉक्टरों की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की जा रही है.

सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ नोएडा में भी गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है. दूसरी तरफ नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस में तीन दिनों के अंदर 75 शव पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि आम दिनों के अनुपात में यह संख्या तीन गुना है. जानकारी के मुताबिक 18 जून को 28, 19 जून को 25 और 20 जून को 22 बॉडी पोस्टमार्टम के लिए पहुंची. इनमें 10 लावारिस शव बताए गए हैं. माना जा रहा है कि ज्यादातर सड़कों पर बेघर घूमने वाले लावारिस लोगों के शव हैं. ऐसे में इनकी पहचान करना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. बावजूद इसके पुलिस इनकी शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है.

20 शवों का अभी भी होना है पोस्टमार्टम

जानकारी के मुताबिक, फिलहाल अभी 20 बॉडी मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखी हुई है, जिनका जल्द पोस्टमार्टम किया जाएगा. डॉक्टरों की संख्या कम होने की वजह से शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा है. इसके लिए और डॉक्टरों की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जल्द ही डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. पोस्टमार्टम होने के बाद मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री की पड़ताल की जाएगी, जिससे इनकी मौत के सही कारण का पता चल सके.

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हीट स्ट्रोक हो सकती है मौत की वजह

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हीट स्ट्रोक भी इन मौतों के पीछे एक वजह हो सकती है. इससे इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए कुछ भी कह पाना आधिकारिक रूप से संभव नहीं है. आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे की बात की जाए तो भीषण गर्मी और तपिश के चलते जिला अस्पताल में 115 मरीज पहुंचे थे. इनमें से करीब 35 मरीज गर्मी से पीड़ित थे. मरीज बेहोशी की हालत में अस्पताल लाए गए. इनके साथ ही डायरिया, उल्टी, तेज बुखार के मरीज भी अस्पताल पहुंचे. इन मरीजों में से एक गंभीर था, जिसकी मौत हो गई. लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल में 24 घंटे स्टाफ को मौजूद रहने को कहा गया है.  फिलहाल, जिला अस्पताल का 200 स्टाफ मरीजों की तीमारदारी में जुटा है.



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