अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर (गुरुदेव) को उनके 70वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई दी है. इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की है. आचार्य जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए श्री श्री रविशंकर को प्रेम, करुणा और वात्सल्य का सागर बताया है.
मानवता और शांति के लिए समर्पित जीवन
आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि श्री श्री रविशंकर का जीवन पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणा है. उन्होंने अपने आध्यात्मिक ज्ञान और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के माध्यम से दुनिया भर के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है. आचार्य जी ने उन्हें ‘अध्यात्म का शिखर पुरुष’ और ‘मानवता का मसीहा’ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से समाज में समता और शांति की भावना मजबूत हुई है.
प्रेम और करुणा के सागर, स्नेह और वात्सल्य के निर्झर, सेवा और समता की प्रतिमूर्ति मानवता के मसीहा, अध्यात्म के शिखर पुरुष @ArtofLiving के संस्थापक पूज्य @Gurudev का 70वें जन्मदिन पर अहिंसा विश्व भारती, विश्व शांति केंद्र एवं समस्त जैन समाज की ओर से हार्दिक वंदन अभिनंदन। pic.twitter.com/4t7Jy2mVu4
— Acharya Lokesh Muni (@Munilokesh) May 13, 2026
‘वी सपोर्ट पीस’ कैंपेन और एकता का संदेश
आचार्य लोकेश मुनि स्वयं भी इन दिनों शांति और सद्भाव के वैश्विक मिशन पर हैं. हाल ही में उन्होंने ग्रीस की राजधानी एथेंस में भारतीय राजदूत और अन्य आध्यात्मिक गुरुओं के साथ मिलकर ‘वी सपोर्ट पीस’ (हम शांति का समर्थन करते हैं) नामक वैश्विक अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान का उद्देश्य युद्ध और हिंसा के दौर में संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान खोजना है. आचार्य लोकेश और श्री श्री रविशंकर जैसे आध्यात्मिक नेतृत्व का मुख्य उद्देश्य दुनिया को हिंसा मुक्त बनाना और भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश को घर-घर पहुँचाना है.
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय आचार्य
आचार्य लोकेश मुनि केवल आध्यात्मिक संदेशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जमीनी स्तर पर भी समाज सेवा में जुटे हैं. हाल ही में उन्होंने गुरुग्राम स्थित ‘विश्व शांति केंद्र’ में एक मुफ्त स्वास्थ्य जांच और वेलनेस कैंप का आयोजन किया. इस कैंप में विशेषज्ञों द्वारा आंखों, कान-नाक-गले की जांच के साथ-साथ योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए गए. आचार्य जी का मानना है कि एक ‘स्वस्थ और समृद्ध भारत’ तभी बन सकता है जब स्वास्थ्य सेवाएं समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचितों तक आसानी से पहुंचें.
‘शांति और सद्भाव यात्रा’ पर जाएंगे अमेरिका
आचार्य लोकेश मुनि आने वाले जून महीने में अमेरिका की ‘शांति और सद्भाव यात्रा’ पर जा रहे हैं. अपनी इस यात्रा के दौरान वे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (UN HQ) और अमेरिकी संसद (US House of Representatives) में भी विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे. वे वहां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में शामिल होंगे और भारतीय दर्शन व जैन सिद्धांतों के माध्यम से वैश्विक भाईचारे का संदेश देंगे. इस प्रकार, आचार्य लोकेश मुनि और श्री श्री रविशंकर जैसे महान व्यक्तित्व अपने-अपने स्तर पर दुनिया को एक बेहतर और शांतिपूर्ण स्थान बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं.
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