Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

अमेरिका के संसद भवन से गूंजेगा विश्व शांति का संदेश, 1 जुलाई को आचार्य लोकेश करेंगे ‘युद्ध-मुक्त विश्व’ का आह्वान

1 जुलाई 2026 को वॉशिंगटन डीसी के कैपिटल बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में आचार्य लोकेश विश्व शांति और अहिंसा पर वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेताओं की संयुक्त भागीदारी के साथ ‘We Support Peace’ अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है.

Acharya Lokesh Washington Peace Conference: भारत की धरती से शुरू हुआ शांति और अहिंसा का संदेश अब अमेरिका के सबसे शक्तिशाली केंद्र यानी वाशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल (संसद भवन) गूंजने के लिए पूरी तरह तैयार है. जैन आचार्य लोकेश मुनि के नेतृत्व में नई दिल्ली से शुरू हुआ ‘वी सपोर्ट पीस’ (हम शांति का समर्थन करते हैं) अभियान अब न्यूयॉर्क से होते हुए वाशिंगटन डीसी पहुंच चुका है.

आगामी 1 जुलाई 2026 को वाशिंगटन डीसी के कैपिटल बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में अहिंसा विश्व भारती फाउंडेशन द्वारा ‘विश्व शांति और सद्भाव’ विषय पर एक ऐतिहासिक और विशेष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस वैश्विक मंच से आचार्य लोकेश पूरी दुनिया को युद्ध से मुक्त करने का एक बड़ा आह्वान करेंगे.

अमेरिकी संसद से गूंजेगा ‘युद्ध-मुक्त विश्व’ का नारा

वैश्विक शांति दूत आचार्य लोकेश जी इस विशेष सम्मेलन को मुख्य रूप से संबोधित करेंगे. इस दौरान वह वैश्विक समुदाय से युद्ध, हिंसा, कट्टरता और आपसी टकराव की मानसिकता को पूरी तरह से त्यागने की अपील करेंगे.

वह दुनिया के सभी देशों को करुणा, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, अहिंसा और नैतिक जिम्मेदारी के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे. अपने वैश्विक अभियानों ‘वी सपोर्ट पीस’ और ‘वॉर-फ्री वर्ल्ड’ (युद्ध-मुक्त विश्व) के माध्यम से वह दुनिया भर के बड़े नेताओं और नागरिक समाज को शांति और मानवता के समर्थन में एक मंच पर आने के लिए एकजुट करेंगे.

पहली बार रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियां एक साथ

इस सम्मेलन की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका की दोनों धुर विरोधी राजनीतिक पार्टियां यानी रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी इस अभियान के समर्थन में एक साथ खड़ी हो गई हैं. अहिंसा विश्व भारती फाउंडेशन के प्रतिनिधियों करमजीत सिंह धालीवाल और अनिल मोंगा ने बताया कि यह इतिहास में पहली बार हो रहा है जब दोनों प्रमुख पार्टियों के सांसद और नीति निर्माता इस सम्मेलन में एक साथ भाग ले रहे हैं.

इसके अलावा कई पूर्व अमेरिकी सांसद, धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, शांति कार्यकर्ता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख लोग भी इसमें शामिल होंगे.

अमेरिका के ये दिग्गज नेता और सांसद होंगे शामिल

इस महा-सम्मेलन में अमेरिकी राजनीति के कई बड़े चेहरे और मौजूदा व पूर्व सांसद हिस्सा लेने जा रहे हैं. इनमें प्रमुख रूप से अमेरिकी कांग्रेस की महिला सदस्य लॉरा गिलेन, पूर्व अमेरिकी सांसद जो क्राउली, अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम, माइक लॉलर और महिला सांसद निकोल मैलियोटाकिस शामिल हैं. इन दिग्गज और प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और बेहद मजबूत धार देगी.

ये भी पढ़ें-5 जून की रात, काला बैग: चंपत राय को पहले लग गई थी भनक! राम मंदिर चढ़ावा चोरी में CCTV ने खोले राज=

अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर भारत का बड़ा संदेश

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक नितिन व्यास और अशोक भट्ट ने बताया कि इस सम्मेलन की तैयारियां इस समय वाशिंगटन में बेहद युद्धस्तर पर चल रही हैं. यह आयोजन इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत और अमेरिका के साझा लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. साथ ही यह विश्व शांति और वैश्विक सद्भाव के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को भी दुनिया के सामने मजबूती से प्रदर्शित करेगा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital