Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार तड़के कई जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे भारी तबाही हुई. प्रभावित क्षेत्रों में जोध घाटी, चंदरह भेड़ बलोरे, बगरा जंगलोते और दिलवान हटली लखनपुर शामिल हैं. इन क्षेत्रों में अचानक आए जलसैलाब ने स्थानीय लोगों के जीवन को मुश्किल में डाल दिया.
कठुआ में बादल फटने से 7 लोगों की मौत
राजबाग के जोध गांव में सबसे ज्यादा तबाही हुई. यहां 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. भारी बारिश और तेज जल प्रवाह के कारण कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा है. लोग अचानक आए पानी से बचने के लिए छतों और ऊँची जगहों पर चले गए.
राहत और बचाव कार्य शुरू
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. बचाव दल के जवान ग्रामीण इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए छोटे नावों और हेलमेटों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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प्रशासन की सतर्कता
कठुआ जिले के अधिकारियों ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सचेत रहने का अनुरोध किया है.
स्थानीय लोगों की मदद
स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. आसपास के गांवों से भोजन, पानी और जरूरी सामान भेजा जा रहा है. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रभावित लोगों को हर तरह की मदद मिले और नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द की जाए. यह घटना जम्मू-कश्मीर में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को फिर से दर्शाती है, और प्रशासन तथा नागरिकों के सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है.
इससे पहले किश्तवाड़ में बादल फटने से 65 लोगों की हुई मौत
गौरतलब है कि इससे पहले किश्तवाड़ जिले के चसोटी में भी बादल फटने की घटना हुई थी, जिसमें कमोबेश 65 लोगों की मौत हो गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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