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राष्ट्रपति ट्रंप को 440 वोल्ट का झटका देंगे NSA अजीत डोभाल! रूस जाकर करने वाले हैं ये काम, आप भी जान लीजिए

Ajit Doval की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह रूस से नई दिल्ली द्वारा तेल खरीद के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ में और वृद्धि की घोषणा करेंगे.

Ajit Doval

एनएसए अजीत डोभाल और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप. (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल (Ajit Doval) बुधवार को मॉस्को में वरिष्ठ रूसी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और भारत-रूस रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे.

ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी

Ajit Doval की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह रूस से नई दिल्ली द्वारा तेल खरीद के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ में और वृद्धि की घोषणा करेंगे.

Ajit Doval की रूस यात्रा क्यों है खास?

ट्रंप ने नई दिल्ली पर सस्ता रूसी तेल खरीदकर और उसे ‘बड़े मुनाफे’ पर बेचकर रूस को आर्थिक तौर पर मदद देने का आरोप लगाया है. अजीत डोभाल (Ajit Doval) मॉस्को यात्रा के दौरान भारत-रूस रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा करने के अलावा, तेल मुद्दे और आगामी मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन पर भी बातचीत करेंगे.

मॉस्को में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भू-राजनीतिक स्थिति में वर्तमान तनाव और भारत को रूसी तेल की आपूर्ति से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की जाएगी. यह यात्रा पहले से नियोजित कार्यक्रम का हिस्सा है और भारत और रूस के बीच सहयोग पर केंद्रित होगी. डोभाल (Ajit Doval) रक्षा उद्योग सहयोग पर भी बातचीत कर सकते हैं.

रिपोर्टों के अनुसार, एस-400 मिसाइल प्रणालियों की संभावित खरीद, भारत में रखरखाव संबंधी बुनियादी ढांचा स्थापित करना और रूस के एसयू-57 लड़ाकू विमानों को प्राप्त करने के विकल्पों की खोज शामिल हो सकती है. इससे पहले, सोमवार को, विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर भारत द्वारा रूसी तेल आयात पर अमेरिका और यूरोपीय संघ की आलोचना को अनुचित बताया.

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विदेश मंत्री जयशंकर ने भी सोमवार को टैरिफ की धमकी की अप्रत्यक्ष आलोचना करते हुए ट्रंप का जिक्र किए बिना कहा, “हम जटिल और अनिश्चित समय में जी रहे हैं. हमारी सामूहिक इच्छा एक निष्पक्ष और प्रतिनिधित्वपूर्ण वैश्विक व्यवस्था देखना है, न कि कुछ लोगों के प्रभुत्व वाली.” विदेश मंत्रालय ने कहा, “किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.”

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के दोहरे मापदंड पर कहा था कि यूरोपीय संघ का रूस के साथ व्यापार 67.5 अरब डॉलर का है. वहीं, वाशिंगटन यूरेनियम, पैलेडियम, उर्वरक और अन्य रसायन की खरीद मास्को से कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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