Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ‘टोटी चोरी’ का मामला वे कभी नहीं भूलेंगे. सपा मुखिया ने विशेष रूप से राज्य के ताकतवर अधिकारी अवनीश अवस्थी का नाम लिया और आरोप लगाया कि उन्होंने ही इस पूरे मामले को अंजाम दिया. अखिलेश ने चेतावनी दी कि यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन के लिए भी ज्ञात होना चाहिए.
उल्टी गिनती शुरू, चुनाव आयोग पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने जन्माष्टमी के दिन से यूपी सरकार के खिलाफ अपनी उल्टी गिनती शुरू कर दी है. उन्होंने दावा किया कि अब 493 दिन बचे हैं. सपा मुखिया ने कहा कि सरकार के पास चुनावी तिकड़ी है. अधिकारी, सरकार और चुनाव आयोग. यदि चुनाव आयोग धोखा देता है, तो जनता किससे न्याय की उम्मीद रखे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी वोट बढ़ाने के लिए कोड दे देते हैं, जिससे बीजेपी को फायदा होता है.
क्या था ‘टोंटी चोरी’ का मामला?
2018 में, जब अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया था, तब सोशल मीडिया और कुछ मीडिया में यह खबर खूब चली थी कि आवास से नल की टोंटियां और टाइल्स तक चोरी हो गई हैं. इस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं और बीजेपी ने इसे लेकर सपा पर जमकर निशाना साधा था. यह खबर अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने के लिए एक राजनीतिक हथियार बन गई थी, और अब अखिलेश ने इसका जिम्मेदार सीधे तौर पर एक वरिष्ठ नौकरशाह को ठहराया है.
ये भी पढ़ें: लाल किले से गायब हुआ अनमोल खजाना, सोना-हीरे का कलश चोरी, FIR दर्ज
अवनीश अवस्थी पर सीधा निशाना
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “मेरी छवि खराब करने के लिए टोंटी चोरी की खबर उस IAS अवनीश अवस्थी ने चलवाई थी. उस IAS को मैं कभी माफ नहीं करूंगा, मैं उसे कभी नहीं भूल सकता.” यह बयान बेहद गंभीर है, क्योंकि अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक रहे हैं. उनका नाम सरकार के कई बड़े फैसलों और परियोजनाओं में शामिल रहा है. यह आरोप यह भी दिखाता है कि कैसे सत्ता के गलियारों में राजनीतिक और नौकरशाही के बीच पर्दे के पीछे की लड़ाइयाँ होती रहती हैं. अखिलेश यादव का यह बयान न केवल एक पुरानी घटना को फिर से सामने लाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि राजनीतिक बदले की भावना कितनी गहरी हो सकती है.
बाराबंकी लाठीचार्ज और राजभर विवाद
अखिलेश ने बाराबंकी में हुए लाठीचार्ज की भी निंदा की। उनका कहना था कि बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन संगठन के युवा कार्यकर्ताओं पर हिंसा देखकर दुख हुआ. उन्होंने मंत्री राजभर के आवास पर प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की और कहा कि सपा चाहती है कि राजभर को पंचायत और PWD जैसी सुविधाएं मिलें. अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी सरकार की नीतियों, GST कटौती, शिक्षा और रोजगार पर तीखी आलोचना की गई. उन्होंने सत्ता में आने पर समाजवादी एजेंडा लागू करने और जनता को सम्मानजनक जीवन देने का वादा किया.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


