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दिल्ली के सभी 11 जिलें सबसे अधिक प्रदूषित, इतना पहुंचा AQI, पूर्वोत्तर भी बन रहा पॉल्यूशन जोन

दिल्ली में एयर पॉल्यूशन की समस्या लगातार ही बनी रहती है. इस बार ये समस्या काफी हद तक बढ़ गई है. आज की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का एक्यूआई 353 दर्ज हुआ है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है.

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दिल्ली में एयर पॉल्यूशन की समस्या लगातार ही बनी रहती है. इस बार ये समस्या काफी हद तक बढ़ गई है. आज की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का AQI 353 दर्ज हुआ है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है.

दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित राज्य

दरअसल, सैटेलाइट आधारित नए राष्ट्रीय अध्ययन ने राजधानी को लेकर एक काफी चिंताजनक तस्वीर पेश की है. मंगलवार को सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एअर (CREA) ने एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित राज्य बन चुका है. वहीं, राजधानी में वार्षिक जनसंख्या-आधारित PM2.5 लेवल 101 माइक्रोमीटर प्रति घन मीटर तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय मानक से ढाई गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सीमा से 20 गुना अधिक है.

इस रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि दिल्ली के सभी 11 जिलों को देश के सबसे अधिक प्रदूषित हॉटस्पॉट्स में शामिल किया गया है. जिससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि राजधानी के लोग पूरे वर्ष खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं.

दिल्ली तक सीमित नहीं समस्या

CREA का कहना है कि यह समस्या सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. देश के 749 जिलों पर किए गए सैटेलाइट एनालिसिस में पाया गया कि भारत में वायु प्रदूषण एक व्यापक संकट बन चुका है. वहीं, स्टडी में या भी बताया गया कि 60 प्रतिशत जिले नेशनल एनुअल पॉल्यूशन स्टैंडर्ड का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि कोई भी जिला WHO के निर्धारित गाइडलाइन्स पर पूरी तरह से खड़ा नहीं उतरता.

आपको बता दें कि सबसे ज्यादा खराब हवा वाले 50 जिलों में असम और दिल्ली के जिलों का एक बड़ा हिस्सा शामिल है. वहीं, बिहार और हरियाणा भी इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल हैं. सीजनल डेटा ने क्षेत्रीय असमानता को और भी स्पष्ट किया है.

पॉल्यूशन जोन के रूप में उभर रहा पूर्वोत्तर

इंडो-गंगेटिक प्लेन्स (IGP) मानसून को छोड़कर हर मौसम में भारत का सबसे प्रदूषित क्षेत्र बना रहता है. साथ ही पूर्वोत्तर भारत भी अब लगातार बढ़ते PM2.5 लेवल्स की वजह से एक नए पॉल्यूशन जोन के रूप में उभर रहा है. इन सब में चौंकाने वाली बात यह है कि मानसून के दिनों में भी पूर्वोत्तर के कई जिलों में प्रदूषण सुरक्षित स्तर से नीचे नहीं जाता. इससे ये पता चलता है कि सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्रोतों से उत्सर्जन भी प्रदूषण का एक बड़ा कारण हैं.

आपको बता दें कि दिल्ली ने मंगलवार की सुबह घने धुंध और ठंडे मौसम के साथ शुरुआत की. पिछले दो हफ्तों से लगातार प्रदूषण के बाद भी राजधानी की हवा में सिर्फ हल्का सुधार ही देखने को मिला.

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-भारत एक्सप्रेस



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